
ST.News Desk

नई दिल्ली: एनटीपीसी लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 22 जनवरी 2026 को स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।

MoU हस्ताक्षर का विवरण
इस साझेदारी को औपचारिक हस्ताक्षर समारोह के माध्यम से अंतिम रूप दिया गया, जिसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से Invest UP एवं UPSIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री विजय किरण आनंद (IAS) ने समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की ओर से कार्यकारी निदेशक श्री डीएमआर पांडा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
परियोजना का दायरा और रणनीतिक फोकस
इस MoU के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दो प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में परियोजनाओं का विकास किया जाएगा—
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं: सतत ऊर्जा उत्पादन के लिए सोलर, विंड और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की स्थापना।
ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं: ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उससे संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास।
यह साझेदारी भारत की नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार की व्यापक नीति और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों के अनुरूप है। इसमें एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक व बुनियादी ढांचा क्षमताओं का समन्वय किया जाएगा।
कॉरपोरेट खुलासा
इस समझौते की जानकारी सेबी (लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2015 के विनियम 30 के तहत सार्वजनिक की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह खुलासा 22 जनवरी 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बीएसई लिमिटेड को आधिकारिक रूप से सूचित किया गया।
रणनीतिक महत्व
यह साझेदारी भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और मजबूत औद्योगिक आधार इसे बड़े पैमाने की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बनाते हैं। NGEL और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच यह सहयोग न केवल स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने की प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास लक्ष्यों को भी समर्थन देगा।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर हुआ यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत की सतत ऊर्जा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

