
ST.News Desk

Budget 2026: 1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट 2026 सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होगा, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज बनने जा रहा है। पिछले 75 वर्षों के बजट इतिहास में पहली बार एक ऐसी परंपरा टूटने जा रही है, जिसने अब तक बजट की पहचान बनाई थी। सरकार इस बार बजट को केवल टैक्स, सब्सिडी और योजनाओं तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसमें लोकल (घरेलू) और ग्लोबल (वैश्विक) दोनों स्तरों पर भारत के विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश किया जाएगा।
बजट की सोच में बड़ा बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, बजट 2026 में सरकार का फोकस केवल अल्पकालिक राहत देने के बजाय लंबी अवधि की रणनीति पर रहेगा। पहली बार बजट में यह साफ दिखेगा कि भारत अगले 10–15 वर्षों में ग्लोबल इकोनॉमिक पावरहाउस बनने के लिए किन कदमों पर आगे बढ़ेगा।
अब तक बजट को आमतौर पर टैक्स स्लैब, सब्सिडी और लोकल योजनाओं से जोड़ा जाता रहा है, लेकिन इस बार सरकार वैश्विक सप्लाई चेन, भू-राजनीतिक हालात और अंतरराष्ट्रीय निवेश को ध्यान में रखकर नीतिगत फैसले कर सकती है।
लोकल इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट
Budget 2026 में मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, एमएसएमई, कृषि और रोजगार सृजन को लेकर बड़े ऐलान होने की संभावना है। खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्री-प्रोसेसिंग और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि लोकल प्रोडक्शन को बढ़ाकर न सिर्फ घरेलू मांग को मजबूत किया जाए, बल्कि भारत को एक्सपोर्ट हब के रूप में भी स्थापित किया जाए।
ग्लोबल लेवल पर भारत की नई भूमिका
वैश्विक स्तर पर बदलते हालात—जैसे अमेरिका-चीन तनाव, यूरोप की आर्थिक सुस्ती और सप्लाई चेन में बदलाव—को देखते हुए भारत खुद को एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश करना चाहता है। बजट 2026 में विदेशी निवेश (FDI), मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए नई नीतियों का रोडमैप सामने आ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट भारत को ग्लोबल ग्रोथ स्टोरी के केंद्र में लाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
टैक्स और आम आदमी पर क्या असर?
हालांकि बजट का झुकाव रणनीतिक और दीर्घकालिक रहेगा, लेकिन आम आदमी के लिए भी कुछ राहत भरे ऐलान संभव हैं। आयकर ढांचे में सुधार, मिडिल क्लास को राहत, हेल्थ-एजुकेशन पर खर्च बढ़ाने और महंगाई से निपटने के उपायों पर सरकार ध्यान दे सकती है।
क्यों खास है बजट 2026?
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, Budget 2026 को भारत की अगली आर्थिक छलांग की नींव माना जा रहा है। यह बजट सिर्फ अगले एक साल की जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले दशक की प्राथमिकताओं को भी परिभाषित करेगा।
यही वजह है कि इस बार बजट को परंपरागत दायरे से बाहर निकलकर, लोकल ताकत और ग्लोबल महत्वाकांक्षा—दोनों का संतुलित रोडमैप माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जो देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा तय करेगा।

