ST.News Desk
लखनऊ, 4 जुलाई: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश से सटे दक्षिणी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहेंगी। इस दौरान कई इलाकों में केवल बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि तापमान में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में 30 जून को मानसून ने प्रवेश किया था और 2 जुलाई तक पूरे राज्य में सक्रिय हो गया था। हालांकि, उत्तरी ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसके चलते उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सोमवार तक प्रदेश में मानसूनी सक्रियता कमजोर बनी रहेगी। केवल दक्षिणी और मध्य प्रदेश से सटे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं, जिसके बाद प्रदेश में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है।
शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कई स्थानों पर गर्मी का असर बना रहा। फतेहगढ़ में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस, उरई में 38.2 डिग्री, बस्ती में 38 डिग्री और लखनऊ में 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस बीच, मानसून की धीमी रफ्तार का असर वर्षा के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 50 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 75 प्रतिशत से अधिक जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी (74%), मऊ (74%), जौनपुर (91%), संतकबीरनगर (52%), सिद्धार्थनगर (68%), लखनऊ (60%), कुशीनगर (78%), महाराजगंज (29%) और गोरखपुर (51%) में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर सहित कई अन्य जिलों में भी बारिश का बड़ा घाटा बना हुआ है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। गाजियाबाद (86%), गौतमबुद्ध नगर (88%), बागपत (54%), मुरादाबाद (20%) और रामपुर (34%) में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, शाहजहांपुर और संभल जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह से मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुरुआती दौर में और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सप्ताह के दूसरे हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।

