पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की राजधानी तेहरान में एक बार फिर कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे व्यापक संघर्ष की आशंका गहरा गई है। नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न देशों ने अलर्ट जारी कर दिया है।
ST.News Desk
अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के कई शहर निशाने पर आए हैं। ताजा घटनाक्रम में तेहरान के विभिन्न इलाकों में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। क्षेत्र में संभावित बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।
इस बीच कतर की राष्ट्रीय एयरलाइन Qatar Airways ने घोषणा की है कि देश का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उसकी सभी उड़ानें अगली सूचना तक स्थगित रहेंगी। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि जैसे ही कतर सरकार हवाई क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करेगी, उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
ईरान-इस्राइल संघर्ष के बीच इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ऑपरेशन रॉरिंग लायन की शुरुआत से अब तक 777 लोगों को अस्पतालों में लाया गया है। इनमें से 86 लोग वर्तमान में अस्पताल या इमरजेंसी रूम में भर्ती हैं। चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, हालांकि उनमें से दो सीधे मिसाइल हमलों का शिकार नहीं हैं। 20 लोग मध्यम स्थिति में हैं, 58 की हालत स्थिर है और चार अन्य की अतिरिक्त चिकित्सकीय जांच जारी है।
वहीं, कुवैत में स्थित U.S. Embassy in Kuwait ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के संभावित खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, अपनी सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करने और सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास का पूरा स्टाफ फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर मौजूद है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
ईरान की सरकारी एजेंसी के अनुसार, पश्चिमी ईरान के शहर Sanandaj में हुए हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के पुलिस स्टेशन के पास स्थित कई रिहायशी इमारतें मिसाइल हमलों में पूरी तरह तबाह हो गईं। बताया गया है कि अमेरिकी और इस्राइली बलों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छह मिसाइलें दागीं, जिनमें घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल थे।
पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बेहद अहम होगा।

