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कोयला आधारित क्षमता विस्तार: 39.5 गीगावॉट थर्मल क्षमता निर्माणाधीन : Shripad Naik

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ST.News Desk

नई दिल्ली : देश में इस समय 39,545 मेगावॉट (39.5 गीगावॉट) थर्मल बिजली उत्पादन क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 4,845 मेगावॉट की तनावग्रस्त (stressed) परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह जानकारी विद्युत राज्य मंत्री Shripad Naik ने सोमवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने बताया कि यह क्षमता अगले एक दशक में देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा किए गए जनरेशन एक्सपेंशन प्लानिंग अध्ययनों का हवाला देते हुए नाइक ने कहा कि वर्ष 2034–35 तक कोयला और लिग्नाइट आधारित थर्मल क्षमता की आवश्यकता लगभग 3,07,000 मेगावॉट आंकी गई है। इसके मुकाबले 31 मार्च 2023 तक देश की स्थापित थर्मल क्षमता 2,11,855 मेगावॉट थी।

उन्होंने अपने लिखित उत्तर में कहा, “इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए विद्युत मंत्रालय ने न्यूनतम 97,000 मेगावॉट अतिरिक्त कोयला एवं लिग्नाइट आधारित थर्मल क्षमता स्थापित करने की परिकल्पना की है।”

परियोजनाओं की स्थिति पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2023 से 20 जनवरी 2026 तक लगभग 17,360 मेगावॉट थर्मल क्षमता का कमीशनिंग किया जा चुका है। इसके अलावा, 39,545 मेगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है, जबकि 22,920 मेगावॉट की परियोजनाओं के लिए अनुबंध दिए जा चुके हैं, जो जल्द निर्माण चरण में जाएंगी। साथ ही, देशभर में 24,020 मेगावॉट कोयला एवं लिग्नाइट आधारित संभावित क्षमता को चिह्नित किया गया है, जो विभिन्न योजना चरणों में है।

प्लांट उपयोग स्तर पर नाइक ने कहा कि 2031–32 तक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों का अनुमानित प्लांट लोड फैक्टर (PLF) लगभग 61 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक PLF कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे बिजली मांग में वृद्धि और कोयला व नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का वास्तविक रूप से जुड़ना।

टैरिफ पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि जनरेशन एक्सपेंशन प्लानिंग मॉडल में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की तुलना नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण विकल्पों से की जाती है, ताकि संतुलित क्षमता मिश्रण तय किया जा सके। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में मौजूदा कोयला आधारित संयंत्रों से बिजली की अखिल भारतीय भारित औसत बिक्री दर 4.36 से 4.58 रुपये प्रति यूनिट के बीच रही है, जबकि सबसे कम टैरिफ लगभग 1.52 रुपये प्रति यूनिट रहा।


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