crossorigin="anonymous"> अमेरिका के हमले के बाद भड़का ईरान, खाड़ी के 8 बड़े पुलों को बनाया निशाना - Sanchar Times

अमेरिका के हमले के बाद भड़का ईरान, खाड़ी के 8 बड़े पुलों को बनाया निशाना

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मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान के सबसे बड़े और ऊंचे पुल पर हमले के बाद अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र और जॉर्डन के आठ अहम पुलों की ‘हिट लिस्ट’ जारी कर चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह भी कड़ी कार्रवाई करेगा

ST.News International Desk
अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए ताजा हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, देश के सबसे ऊंचे बी1 पुल पर हुए हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण पुलों को संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किया है। इसे अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ‘जैसे को तैसा’ जवाब देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की हिट लिस्ट में कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल शामिल है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के शेख जायद पुल, अल मक़ता पुल और शेख खलीफ़ा पुल भी सूची में हैं। सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉज़वे भी ईरान के निशाने पर बताया गया है। जॉर्डन के किंग हुसैन पुल, दामिया पुल और अब्दौन पुल भी इस सूची में शामिल हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान का 136 मीटर ऊंचा बी1 पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। यह पुल अभी निर्माणाधीन था और तेहरान को कराज शहर से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। हमले में कई लोगों के घायल होने और जानमाल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर वह बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसे “पाषाण युग में वापस भेज दिया जाएगा।” हमले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पुल से उठते धुएं का वीडियो भी साझा किया और कहा कि ईरान को अब समझौते की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागरिक ढांचे और अधूरे पुलों पर हमले से ईरान झुकने वाला नहीं है। उन्होंने इसे दुश्मन की कमजोरी और मनोबल के गिरने का संकेत बताया।

मौजूदा हालात को देखते हुए मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है।


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