भारत में Type 2 Diabetes तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारी बन चुकी है। अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो आपका जोखिम सामान्य लोगों से ज्यादा हो जाता है। हालांकि, सही जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ST.News Desk
डॉक्टरों के अनुसार, खासकर Type 2 Diabetes में जेनेटिक फैक्टर अहम भूमिका निभाते हैं। शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है, फैमिली हिस्ट्री होने पर बीमारी जल्दी विकसित हो सकती है इसलिए ऐसे लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
डायबिटीज से बचने के उपाय

वजन कंट्रोल में रखें, पेट के आसपास जमा चर्बी डायबिटीज का बड़ा कारण है।
BMI संतुलित रखें, कमर का साइज कंट्रोल करें

- रोजाना एक्सरसाइज करें
रोज कम से कम 30 मिनट एक्टिव रहें
तेज चलना, योग, साइक्लिंग बेहद फायदेमंद
ब्लड शुगर और वजन दोनों कंट्रोल में रहते हैं - संतुलित आहार लें
फाइबर युक्त भोजन (ओट्स, दलिया, हरी सब्जियां)
कम शुगर और रिफाइंड कार्ब्स
हेल्दी फैट्स और प्रोटीन शामिल करें - नियमित जांच कराएं
30 साल के बाद साल में एक बार टेस्ट
फास्टिंग ब्लड शुगर
HbA1c टेस्ट
इससे बीमारी का पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाता है - तनाव और नींद का ध्यान रखें
7–8 घंटे की नींद जरूरी
ज्यादा तनाव हार्मोनल असंतुलन बढ़ाता है
इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है - जंक फूड से दूरी
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड स्नैक्स से बचें
ये इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाते हैं
डायबिटीज के शुरुआती लक्षण
बार-बार प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
अचानक वजन घटना
थकान
ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
फैमिली हिस्ट्री होने का मतलब यह नहीं कि डायबिटीज होना तय है। सही समय पर जागरूकता, नियमित जांच और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप Type 2 Diabetes के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

