
ST.News Desk

प्रयागराज: महाकुंभ 2025 में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच एक साधारण सी लड़की अचानक चर्चा का केंद्र बन गई थी। नाम था मोनालिसा। माला बेचते हुए उनकी सादगी और मासूम खूबसूरती ने लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए। कैमरों और रील्स की भीड़ के बीच खड़ी मोनालिसा की ज़िंदगी ने यहीं से एक नया मोड़ ले लिया।

महाकुंभ के दौरान फिल्ममेकर सनोज मिश्रा की नज़र मोनालिसा पर पड़ी। उनकी सादगी और सहजता से प्रभावित होकर सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करने का फैसला किया। यहीं से मोनालिसा का सफर मेले की ज़मीन से फिल्मों की दुनिया की ओर बढ़ गया।
‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग पूरी
अब मोनालिसा अपनी पहली बड़ी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं। इस फिल्म में वह अभिनेता अमित राव के साथ नजर आएंगी, जो अभिनेता राजकुमार राव के भाई हैं।
फिल्म की शूटिंग पूरी होने के साथ ही मोनालिसा के आत्मविश्वास में भी साफ बदलाव नजर आता है। महाकुंभ के लगभग एक साल बाद मोनालिसा एक बार फिर प्रयागराज लौटने जा रही हैं, लेकिन इस बार माला बेचने वाली लड़की के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरती हुई बॉलीवुड अभिनेत्री के तौर पर। यह वापसी उनके लिए भावनात्मक भी है और ऐतिहासिक भी।
मां गंगा का आशीर्वाद लेने पहुंचेगी फिल्म टीम
‘गांधीगीरी’ और ‘शशांक’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा अब अपनी पूरी फिल्म टीम के साथ माघ मेले में शामिल होने जा रहे हैं। शूटिंग पूरी होने के बाद टीम मां गंगा का आशीर्वाद लेने प्रयागराज पहुंचेगी, जिससे इस फिल्मी सफर को आध्यात्मिक पूर्णता मिल सके।
डायरेक्टर के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग कई चरणों में पूरी की गई। पहला शेड्यूल उत्तर प्रदेश के इटावा में शूट हुआ। इसके बाद टीम मणिपुर पहुंची, जहां अलग-अलग लोकेशन्स पर अहम सीन फिल्माए गए। फिर नेपाल में एक शेड्यूल पूरा किया गया और फिल्म का बड़ा हिस्सा देहरादून में शूट हुआ। पिछले हफ्ते फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली गई।
मोनालिसा को कास्ट करने की वजह
सनोज मिश्रा ने बताया कि जब उन्होंने मोनालिसा को मेले में देखा तो उन्हें अच्छा नहीं लगा कि लोग उन्हें सिर्फ रील्स और सेल्फी के लिए परेशान कर रहे थे। मोनालिसा मध्य प्रदेश के महेश्वर क्षेत्र के बंजारा समुदाय से आती हैं और बेहद सरल स्वभाव की हैं। यही सादगी उन्हें फिल्म की लीड भूमिका के लिए परफेक्ट बनाती है।
फिल्म में काम करने से पहले मोनालिसा को खास ट्रेनिंग दी गई। उन्हें पहले इंदौर और फिर मुंबई भेजा गया, जहां उन्होंने एक्टिंग, बॉडी लैंग्वेज और कैमरे के सामने काम करने की बारीकियां सीखीं। शुरुआत में मोनालिसा पढ़ी-लिखी नहीं थीं और उन्हें अपना नाम तक लिखना नहीं आता था, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने कई नई चीजें सीखीं।
भाषा बनी चुनौती, डबिंग का लिया गया सहारा
डायरेक्टर के मुताबिक, मोनालिसा को अभी भी भाषा और उच्चारण में कुछ कठिनाइयां आती हैं। इसी वजह से फिल्म में उनके किरदार के लिए डबिंग का इस्तेमाल किया गया है। इसके बावजूद उनकी एक्टिंग को लेकर डायरेक्टर बेहद संतुष्ट हैं और मानते हैं कि मोनालिसा पूरी तरह अपने किरदार में ढल चुकी हैं।
फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ मणिपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें हिंसा और संघर्ष के माहौल के बीच पनपती एक प्रेम कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में मोनालिसा एक नॉर्थ इंडियन लड़की का किरदार निभा रही हैं।
एक साधारण मेले से शुरू हुआ यह सफर अब सिनेमा के बड़े पर्दे तक पहुंच चुका है—और मोनालिसा की कहानी अभी बस शुरुआत है।

