crossorigin="anonymous"> कच्चे तेल की कीमत घटने से ऑयल इंडिया का Q3 FY26 मुनाफा 34% गिरा, अंतरिम डिविडेंड बढ़ाया - Sanchar Times

कच्चे तेल की कीमत घटने से ऑयल इंडिया का Q3 FY26 मुनाफा 34% गिरा, अंतरिम डिविडेंड बढ़ाया

Spread the love

ST.News Desk

नई दिल्ली : ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (PAT) 34 प्रतिशत घटकर 808 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 1,222 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, कमजोर नतीजों के बावजूद कंपनी के निदेशक मंडल ने दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

क्रमिक आधार पर भी कंपनी का मुनाफा घटा है। Q2 FY26 में स्टैंडअलोन PAT 1,044 करोड़ रुपये था। कंपनी ने मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल के कम रियलाइजेशन को बताया है। Q3 FY26 में औसत कच्चा तेल रियलाइजेशन 62.84 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो Q3 FY25 में 73.82 डॉलर प्रति बैरल था — यानी करीब 15 प्रतिशत की गिरावट।

कंपनी का स्टैंडअलोन परिचालन राजस्व Q3 FY26 में घटकर 4,916 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 5,240 करोड़ रुपये और सितंबर तिमाही में 5,457 करोड़ रुपये था। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी का स्टैंडअलोन राजस्व 15,385 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 16,598 करोड़ रुपये था।

सेगमेंट प्रदर्शन पर दबाव

कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस से जुड़े अपस्ट्रीम कारोबार पर कीमतों में गिरावट का सीधा असर दिखा। कच्चे तेल से होने वाला राजस्व Q3 FY26 में घटकर 3,266 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 3,658 करोड़ रुपये था। इस सेगमेंट का टैक्स और ब्याज से पहले का लाभ 1,564 करोड़ रुपये से घटकर 751 करोड़ रुपये रह गया।

प्राकृतिक गैस सेगमेंट में भी लाभ घटकर 381 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष 673 करोड़ रुपये था, हालांकि राजस्व में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पाइपलाइन ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट में संशोधित फॉरवर्ड पंपिंग दरों से जुड़े बकाये की मान्यता के कारण क्रमिक आधार पर सुधार देखा गया। वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट अभी छोटा है और तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन स्तर पर घाटे में रहा।

कुल मिलाकर, कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 13.6 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 30 प्रतिशत से अधिक था।

NRL के दम पर समेकित मुनाफा स्थिर

स्टैंडअलोन स्तर पर गिरावट के बावजूद, समेकित (कंसोलिडेटेड) नतीजे अपेक्षाकृत स्थिर रहे, जिसका मुख्य कारण सहायक कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) का बेहतर प्रदर्शन रहा।

Q3 FY26 में ऑयल इंडिया का समेकित PAT 1,436 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 1,457 करोड़ रुपये के लगभग बराबर है। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में समेकित PAT 5,126 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 5,543 करोड़ रुपये था।

NRL ने तिमाही के दौरान 867 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के 385 करोड़ रुपये की तुलना में 125 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 16.27 डॉलर प्रति बैरल रहा। तिमाही में NRL को ‘नवरत्न’ का दर्जा भी प्रदान किया गया, जो उसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *