
ST.NewsDesk: जैसे-जैसे महिलाएं 40 की उम्र के आगे जाने लगती हैं, वैसे-वैसे उनके शरीर में भी बदलाव शुरू हो जाते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर महिलाएं मेनोपॉज की तरफ बढ़ने लगती हैं। WHO के मुताबिक महिलाओं में 45 से 55 साल की उम्र मेनोपॉज की होती है। वहीं मेनोपॉज से पहले के पड़ाव को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। कई मामलों में पेरिमेनोपॉज 4 से 8 साल तक चलता है। इस दौरान महिलाओं के हार्मोनल बदलाव काफी तेज हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में चिड़चिड़ापन, वजाइना में सूखापन, थकान, हॉट फ्लैशस और सोने में दिक्कत आदि की समस्या होने लगती है।

कई महिलाओं को पेरिमेनोपॉज के इस पड़ाव में बहुत ज्यादा क्रेविंग भी होने लगती है। कई बार एक ही चीज बार-बार खाने की इच्छा होने लगती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि महिलाओं में इस तरह के लक्षण क्यों होते हैं और इसको कैसे मैनेज किया जा सकता है।

