Lucknow की 19 वर्षीय Ishika Tripathi आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। कम उम्र में ही उन्होंने समाज सेवा का ऐसा बीड़ा उठाया है, जो जरूरतमंद बेटियों के जीवन में बदलाव ला रहा है।
प्रदीप कुमार सिंह
लखनऊ ब्यूरो (sanchartimes.news)
जहां एक ओर आज का युवा वर्ग अपने करियर और पढ़ाई में व्यस्त रहता है, वहीं Ishika Tripathi ने समाज सेवा का रास्ता चुनकर एक अलग पहचान बनाई है। वे पिछले कुछ समय से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को निःशुल्क कथक नृत्य सिखा रही हैं।

उनका उद्देश्य सिर्फ नृत्य सिखाना नहीं, बल्कि इन बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में जहां बेटियों को कला सीखने के अवसर नहीं मिल पाते, वहां Ishika Tripathi उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई हैं।

इशिका का मानना है कि कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से न केवल कला सीखी जा सकती है, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास भी संभव है। वे बच्चियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देती हैं। उनके प्रशिक्षण से कई बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हो रही हैं।

खास बात यह है कि Ishika Tripathi सीमित संसाधनों के बावजूद इस पहल को लगातार आगे बढ़ा रही हैं। वे न सिर्फ प्रशिक्षण देती हैं, बल्कि बच्चियों के लिए एक सकारात्मक वातावरण और सही मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराती हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने उनके इस प्रयास की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि इशिका जैसी युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। कई अभिभावकों के अनुसार, उनकी बेटियों में अब पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास और उत्साह देखने को मिल रहा है।
भविष्य को लेकर Ishika Tripathi का सपना है कि वे इस पहल को बड़े स्तर पर ले जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बेटियां इससे जुड़ सकें। उनका लक्ष्य है कि कोई भी बेटी आर्थिक कारणों से अपने सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर न हो।
आज Ishika Tripathi एक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका प्रयास यह साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो उम्र कभी भी सफलता और बदलाव की राह में बाधा नहीं बनती।

