
ST.News Desk, New Delhi : संसद के मानसून सत्र का आज 11वां दिन है, लेकिन अब तक सत्र का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। विपक्ष और सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी टकराव ने संसद की कार्यवाही को बार-बार बाधित किया है। एक ओर सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष एसआईआर (स्मार्ट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन) समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।

महिला सांसद से छिनैती पर विपक्ष का हमला
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दिल्ली के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में कांग्रेस की एक महिला सांसद से छिनैती की घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब कोई महिला सांसद भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी, यह कल्पना की जा सकती है। सरकार लोकतंत्र की बात करने को भी तैयार नहीं है। अगर लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो संसद का क्या मतलब?”
विपक्ष की दोहरी नीति पर सवाल
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता अरुण भारती ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “विपक्ष पहले चुनाव आयोग से शिकायत करता है कि NDA के ज्यादा वोटर हैं, और अब जब आयोग इस पर कार्रवाई कर रहा है, तो वही आपत्ति जता रहे हैं। उनका असल मुद्दा क्या है, पहले इसे स्पष्ट करें।”
राज्यसभा में शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि
सोमवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सांसद शिबू सोरेन के निधन के बाद राज्यसभा में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 81 वर्षीय शिबू सोरेन पिछले एक महीने से दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती थे और सोमवार सुबह उनका निधन हो गया। अब तक मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव और टकराव का मंच बन गया है। देखना होगा कि आगामी दिनों में सत्र अपने मुख्य उद्देश्यों—विधायी कार्य और जनहित की बहस—की ओर लौट पाएगा या नहीं।
