
बड़े परिवारों में मिलकर गुजिया बनाने की परंपरा आज भी कायम है
ST.News Desk

होली का त्योहार गुजिया के बिना अधूरा माना जाता है। ज्यादातर घरों में महिलाएं खुद मावा, सूखे मेवे और नारियल की भरावन से गुजिया तैयार करती हैं। बड़े परिवारों में मिलकर गुजिया बनाने की परंपरा आज भी कायम है। हालांकि शहरों में अब बाजार से भी गुजिया खरीदी जाती है, लेकिन घर की बनी गुजिया का स्वाद अलग ही होता है।
मठरी और पपड़ी (नमकपारे)
मीठे के साथ-साथ कई तरह की नमकीन भी बनाई जाती हैं। मैदा से तैयार की गई खस्ता मठरी और पपड़ी होली की खास पहचान है। कुछ जगहों पर इन्हें नमकपारे भी कहा जाता है। चाय के साथ इनका स्वाद और बढ़ जाता है।
पापड़ और चिप्स
होली मिलन के दौरान मेहमानों को परोसने के लिए घरों में अलग-अलग तरह के पापड़ और चिप्स बनाए जाते हैं। सूजी के पापड़, साबूदाना पापड़, चावल के पापड़ और आलू के पापड़ खूब पसंद किए जाते हैं। आलू की नई फसल आने के कारण घरों में आलू के चिप्स भी बड़ी मात्रा में तैयार किए जाते हैं।
बेसन की सेव और पपड़ी
कुछ क्षेत्रों में बेसन की सेव और पपड़ी बनाना भी परंपरा का हिस्सा है। बेसन की सेव से गुड़ मिलाकर लड्डू भी बनाए जाते हैं। वहीं बेसन की पपड़ी को बेलकर सेंककर तैयार किया जाता है। जो लोग मैदा से परहेज करते हैं, वे बेसन से बने व्यंजन बनाना पसंद करते हैं।
दही वड़ा और कांजी
होली के समय मौसम में हल्की गर्मी शुरू हो जाती है, ऐसे में दही वड़ा खास तौर पर बनाया जाता है। मुलायम वड़े और ठंडे दही का स्वाद त्योहार में चार चांद लगा देता है। साथ ही कांजी को पारंपरिक पेय के रूप में परोसा जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है।
पुआ, पूड़ी और पकवान
मुख्य होली के दिन ज्यादातर घरों में पूड़ी, कचौड़ी, पुआ और खीर बनाई जाती है। इन व्यंजनों को सब्जी, रायता और मिठाई के साथ परोसकर त्योहार को खास बनाया जाता है।
परंपरा और स्वाद का संगम
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों और स्वाद का भी उत्सव है। घर में बने पकवान न सिर्फ परिवार को जोड़ते हैं, बल्कि परंपराओं को भी आगे बढ़ाते हैं। इस होली 2026, आप भी इन पारंपरिक व्यंजनों से अपने त्योहार को यादगार बना सकते हैं।

