अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 22 गेंदों पर 57 रन ठोक दिए। उनकी विस्फोटक पारी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और टीम ने मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। इस पारी के साथ ही संजू सैमसन ने उन सवालों का भी जवाब दे दिया, जो पहले मैच के बाद उनकी बल्लेबाजी और टीम में जगह को लेकर उठ रहे थे। मैच के बाद उन्होंने आलोचनाओं और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
पहले मैच के बाद उठे थे संजू की जगह पर सवाल
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में संजू सैमसन बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। जल्दी आउट होने के बाद उनकी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी और कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने टीम में उनकी जगह पर भी सवाल खड़े किए थे। लेकिन दूसरे मुकाबले में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सैमसन ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और 22 गेंदों में 57 रन बनाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने लक्ष्य को आसानी से हासिल किया और सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
आलोचनाओं पर संजू ने पहली बार नहीं, अब अलग अंदाज में दिया जवाब
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू सैमसन से जब लगातार होने वाली आलोचनाओं के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की। सैमसन ने बताया कि वह कोशिश करते हैं कि सोशल मीडिया और बाहरी चर्चाओं से खुद को अलग रखें। उन्होंने इसे मजाकिया अंदाज में वाई-फाई बंद करने से जोड़कर समझाया। उनका कहना था कि कई बार बाहरी दुनिया की बातें उन तक पहुंच ही जाती हैं। किसी सीनियर खिलाड़ी की टिप्पणी हो या सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया, इन चीजों का इंसान पर असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने साफ किया कि वह कोई ऐसी मशीन नहीं हैं जिस पर किसी बात का बिल्कुल असर न हो।
बोले- अगर आलोचना के बारे में सोचूंगा तो बल्लेबाजी प्रभावित होगी
संजू सैमसन ने माना कि करियर के शुरुआती दौर में आलोचनाओं का उन्हें ज्यादा असर होता था। लेकिन समय के साथ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से निपटना सीखा है। उनका मानना है कि अगर बल्लेबाज मैदान पर इस बात को लेकर सोचता रहे कि अगली गेंद पर आउट हुआ तो लोग क्या कहेंगे, तो उसका ध्यान खेल से हट जाता है। सैमसन के मुताबिक बल्लेबाजी करते समय उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर होना चाहिए। अगर हर शॉट से पहले वह आलोचकों की प्रतिक्रिया के बारे में सोचेंगे, तो स्वाभाविक रूप से उनके खेल पर दबाव बढ़ेगा। इसी वजह से अब वह खुद को मानसिक रूप से समझाते हैं और बाहरी शोर से ज्यादा अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने की कोशिश करते हैं।
वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को लेकर भी कही अहम बात
संजू सैमसन ने टीम के युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा का जिक्र करते हुए टीम के अंदर की सोच भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बाहर से देखने पर भले ही इन खिलाड़ियों को उनके साथ प्रतिस्पर्धा करने वाला माना जाए, लेकिन टीम के भीतर खिलाड़ी एक-दूसरे को इस नजरिए से नहीं देखते। सैमसन के मुताबिक सभी का उद्देश्य भारतीय टीम को जीत दिलाना है। इसलिए यह सोच रखना सही नहीं है कि किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका मिलने से उनका नुकसान हो गया। उन्होंने संकेत दिया कि टीम में व्यक्तिगत स्थान या मौके से ज्यादा महत्व सामूहिक लक्ष्य का है।
संजू के लिए 57 रन की पारी क्यों रही खास?
दूसरे टी20 में संजू की पारी केवल स्कोर के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं रही, बल्कि यह ऐसे समय आई जब उनकी बल्लेबाजी को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। पहले भी टीम से अंदर-बाहर होने और प्रदर्शन को लेकर सैमसन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ 57 रन की तेज पारी उनके आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने यह भी दिखाया कि उन्हें जब जिम्मेदारी मिलती है तो वह आक्रामक क्रिकेट खेलने की क्षमता रखते हैं।
भारत ने सीरीज पर बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
संजू सैमसन की तेजतर्रार पारी के दम पर भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को दूसरे टी20 मुकाबले में 7 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की ऐसी बढ़त हासिल कर ली है, जिसे अब अफगानिस्तान बराबर नहीं कर सकता। अब तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया के प्रदर्शन के साथ संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर भी नजर रहेगी। उनके लिए अगली चुनौती इस लय को बरकरार रखने की होगी।
आगे क्या होगा?
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में भारत के पास अजेय बढ़त है। ऐसे में आगामी मुकाबलों में टीम संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान रहेगा। संजू सैमसन के लिए भी यह मौका अहम है। दूसरे मैच में मिली सफलता के बाद वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपनी लय बनाए रखना चाहेंगे।
वहीं, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों को लेकर भी टीम में प्रतिस्पर्धा की चर्चा जारी रह सकती है। हालांकि सैमसन ने स्पष्ट कर दिया है कि खिलाड़ियों के बीच मुकाबले से ज्यादा महत्वपूर्ण भारतीय टीम की जीत है।

