सासाराम
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
डेहरी/रोहतास। बिहार में वित्तीय संकट की चर्चाओं के बीच योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है। डेहरी में उन्होंने कहा कि राज्य में किसी तरह का वित्तीय संकट नहीं है और इस तरह की बातें महज अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं पर काम लगातार जारी है और आम लोगों की जीवनशैली पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
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बिहार में वित्तीय संकट नहीं, मंत्री ने दावे को बताया अफवाह
भगवान सिंह कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार के पास विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए धन की कमी नहीं है। उन्होंने वित्तीय संकट से जुड़ी चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में किसी प्रकार का कोष संकट नहीं है। मंत्री के मुताबिक, राज्य में विकास कार्यों की गति बनी हुई है और इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर किसी नकारात्मक रूप में नहीं पड़ा है।
योजनाओं में बैकलॉग क्यों हुआ?
मंत्री ने हालांकि यह स्वीकार किया कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ बैकलॉग जरूर हुआ है। उन्होंने इसकी वजह पिछले दिनों निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कई गुना अधिक विकास कार्यों का शुरू होना बताया। उनका कहना था कि जब एक साथ बड़ी संख्या में योजनाओं पर काम शुरू किया जाता है और विकास की रफ्तार तेज होती है, तो कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में थोड़ी देरी या बैकलॉग होना स्वाभाविक है।
एक साथ शुरू हुईं कई विकास योजनाएं
भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में विकास की गति को और तेज करने के उद्देश्य से कई योजनाओं को एक साथ शुरू किया गया है। इसके कारण कार्यों की संख्या बढ़ी है और कुछ स्तर पर बैकलॉग की स्थिति बनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे वित्तीय संकट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार की ओर से विकास योजनाओं को जारी रखने के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था मौजूद है।
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‘क्या लिट्टी-समोसा खाना बंद कर दिया है?’
डेहरी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने वित्तीय संकट की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वास्तव में आम लोगों पर इसका असर पड़ा होता तो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव दिखाई देता। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि “क्या लिट्टी-समोसा खाना बंद कर दिया है?” मंत्री के इस बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आम लोगों के दैनिक जीवन पर किसी वित्तीय संकट का व्यापक प्रभाव नहीं पड़ा है।
विनय बिहारी के बयान के बाद तेज हुई चर्चा
बिहार में वित्तीय स्थिति को लेकर भाजपा विधायक विनय बिहारी के हालिया बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है। विनय बिहारी ने सरकार के विकास कार्यों और कर्ज को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई थी। ऐसे समय में बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का डेहरी में दिया गया बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों बयानों में राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
विकास कार्यों पर मंत्री का क्या कहना है?
मंत्री ने कहा कि बिहार में विकास योजनाओं का काम जारी है और सरकार की प्राथमिकता विकास की गति को बनाए रखना है। उन्होंने वित्तीय संकट की बात को खारिज करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आया बैकलॉग विकास कार्यों की संख्या बढ़ने से जुड़ा है, न कि धन की कमी से।
रोहतास में भी विभिन्न विकास योजनाओं पर काम जारी है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में योजनाएं ली गई हैं और अधिकांश योजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं।

