16 वर्षीय लड़की का शव कुएं से बरामद होने के बाद ट्रैक्टर के पीछे लगे कृषि यंत्र पर बांधकर सदर अस्पताल लाया गया
सासाराम। रिपोर्ट/हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के उत्तरकांड में लिखा है—
“बड़े भाग मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा।”
अर्थात मानव जीवन बड़े सौभाग्य से मिलता है। लेकिन सासाराम में एक मानव शरीर के साथ जिस तरह का व्यवहार सामने आया है, उसने मानवीय संवेदनाओं और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सासाराम के बड्डी थाना क्षेत्र के डूमरखोह जंगल से एक 16 वर्षीय लड़की का शव बरामद किया गया। शव की हालत पहले से ही खराब थी। इसके बाद शव को करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उसे जिस तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया, उसकी तस्वीरें और मामला चर्चा का विषय बन गया।
डूमरखोह जंगल के पुराने कुएं से मिला शव
मृतका की पहचान 16 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई है। वह बिक्रमगंज के मानी गांव की रहने वाली बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले लक्ष्मी ने बड्डी थाना क्षेत्र के बिश्रामपुर निवासी पिंकू बिंद से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद वह उसके साथ डूमरखोह जंगल के पास रह रही थी। बाद में जंगल में स्थित एक पुराने कुएं से लक्ष्मी का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
ट्रैक्टर के कृषि यंत्र पर बांधकर अस्पताल लाया गया शव
शव को सासाराम सदर अस्पताल पहुंचाने के दौरान जिस तरीके का इस्तेमाल किया गया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि शव को एक बोरे में बंद कर ट्रैक्टर के पीछे लगे खेत जोतने वाले लोहे के कृषि यंत्र हल पर बांध दिया गया और इसी तरह करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल लाया गया। शव की हालत पहले से ही खराब थी। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने स्थिति को देखते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया।
डॉक्टर ने शव को पटना भेजे जाने की बात कही
सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. अजित कुमार ने बताया कि शव की स्थिति को देखते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजा गया है। इसके बाद मृतका के शव को फॉरेंसिक तरीके से पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजने की प्रक्रिया की गई।
पुलिस ने हत्या की बात कही
मामले में पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। हालांकि, शव को ट्रैक्टर के पीछे लगे कृषि यंत्र पर बांधकर सदर अस्पताल लाए जाने के संबंध में पुलिस अधिकारी ने अनभिज्ञता जताई।
शव के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक मृत व्यक्ति के शव को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए इस तरह का तरीका क्यों अपनाया गया? एक ओर पुलिस हत्या के मामले में कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर शव को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मृतका के शव की स्थिति और उसे अस्पताल तक पहुंचाने का तरीका मानवीय संवेदनाओं के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

