RBI Financial Risk 2026: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय व्यवस्था में उभरते जोखिमों पर लगातार नजर रखने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय मजबूती भविष्य में जोखिम नहीं आने की गारंटी नहीं है।
RBI गवर्नर ने क्या कहा?
3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में Kautilya Economic Conclave में RBI गवर्नर ने वित्तीय स्थिरता और उभरते जोखिमों पर बात की। उन्होंने सिस्टम में संभावित कमजोरियों की लगातार निगरानी और जोखिमों का बेहतर आकलन करने के लिए डेटा की भूमिका पर जोर दिया।
बैंकों और NBFC के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
RBI के अनुसार वित्तीय व्यवस्था में जोखिम तेजी से उभर सकते हैं। इसलिए बैंकिंग और NBFC क्षेत्र में जोखिम की निगरानी लगातार जरूरी है। वित्तीय नवाचार के साथ उपभोक्ताओं के भरोसे और सिस्टम की मजबूती को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
ग्राहकों पर इसका क्या असर?
आम बैंक ग्राहक के लिए इसका मतलब यह है कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में नियामकीय बदलावों पर नजर रखना जरूरी है। Loan, FD, निवेश या अन्य वित्तीय उत्पाद लेने से पहले संबंधित संस्थान की शर्तों और जोखिमों को समझना चाहिए।























