- दिल्ली-एनसीआर के पात्र पुराने ट्रक और बस मालिकों के लिए आर्थिक मदद.
- पात्र वाहन ऋण पर पांच साल तक 5% ब्याज सहायता.
- वाहन की श्रेणी के अनुसार ईंधन वाउचर या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन.
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026. दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक या बस को बदलने की तैयारी कर रहे वाहन मालिकों के लिए सरकारी सहायता का विकल्प मौजूद है. हरियाणा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने आज परिवर्तन योजना के तहत पुराने वाहन बदलकर नए खरीदने पर मिलने वाली छूट और सब्सिडी से जुड़ी जानकारी प्रकाशित की है. यह पहले से चल रही योजना का अपडेट है.
क्या है परिवर्तन योजना?
परिवर्तन योजना, जिसे नया सफर भी कहा जाता है, पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को बदलने के लिए है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 3 जून 2026 को मंजूरी दी थी. योजना का कुल वित्तीय आकार 9,585 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र सरकार की बजटीय सहायता 5,041 करोड़ रुपए है. इसका उद्देश्य पुराने ट्रकों और बसों की जगह बेहतर उत्सर्जन मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन लाना है.
किन वाहन मालिकों को मिलेगा लाभ?
योजना दिल्ली और हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रकों और बसों पर केंद्रित है. नया वाहन बीएस-6 या उससे सख्त मानकों वाला अथवा इलेक्ट्रिक होना चाहिए.
सिर्फ पुरानी गाड़ी होने से पात्रता तय नहीं होती. पंजीकरण क्षेत्र और वाहन की श्रेणी भी देखी जाएगी. सरकारी वाहन इस योजना के दायरे से बाहर हैं.
ब्याज, टैक्स और खरीद में क्या राहत है?
पात्र नए वाहन के ऋण पर पांच वर्षों के लिए 5% ब्याज सहायता का प्रावधान है. इसे सीधे 5% ब्याज दर पर लोन मिलने की गारंटी नहीं समझना चाहिए.
केंद्र सरकार की अगस्त की विज्ञप्ति के मुताबिक, पात्र नए वाहनों के लिए दस वर्षों तक 100% रोड टैक्स छूट और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट का प्रावधान है. भाग लेने वाली वाहन निर्माता कंपनियों से एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8% छूट भी निर्धारित है.
ईंधन वाउचर या इलेक्ट्रिक वाहन पर सहायता
पात्र बीएस-6 डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने पर वाहन श्रेणी के अनुसार पांच साल तक हर महीने 1,200 से 4,800 रुपए के ईंधन वाउचर का प्रावधान है.
इलेक्ट्रिक वाहन लेने वालों के लिए श्रेणी के अनुसार 64,000 से 2.56 लाख रुपए तक एकमुश्त प्रोत्साहन बताया गया है. ये अलग विकल्प हैं. प्रत्येक आवेदक को अधिकतम राशि या दोनों लाभ एक साथ मिलने का दावा सही नहीं होगा.
पुराने वाहन को हटाने की क्या शर्त है?
हरियाणा की सरकारी जानकारी के अनुसार, बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर स्क्रैप कराना जरूरी है. बीएस-4 वाहन के लिए निर्धारित शर्तों के तहत स्क्रैप करने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी क्षेत्रों में बेचने का विकल्प है.
इसके बाद नया पात्र वाहन एनसीआर में खरीदा और पंजीकृत कराया जाना है. दिल्ली में योजना के तहत हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक और बसें बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए.
लाभ लेने के लिए क्या करें?
योजना का संचालन डिजिटल नया सफर/परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है. पात्रता और सहायता की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है.
वाहन मालिक अपने क्षेत्र के आरटीओ या परिवहन विभाग से आधिकारिक आवेदन मार्ग की पुष्टि करें. पुरानी गाड़ी बेचने या स्क्रैप कराने और नई गाड़ी की बुकिंग से पहले आवश्यक क्रम समझ लेना बेहतर होगा. बैंक से ऋण सहायता, निर्माता से खरीद छूट और विभाग से वाहन श्रेणी की शर्तें लिखित रूप में स्पष्ट कराएं.
























