DRM अखिलेश मिश्र की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, ADRM मुकेश कुमार की मौजूदगी और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता रजत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर
धनबाद | रिपोर्ट: Sanchar Times News
धनबाद रेल मंडल में सुरक्षित रेल परिचालन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अखिलेश मिश्र की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर 2026 को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभागार में संरक्षा संबंधी उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विद्युत परिचालन विभाग के अंतर्गत नवचयनित 24 मुख्य लोको निरीक्षकों (CLIs) को पदोन्नति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के माध्यम से न केवल नवचयनित अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को औपचारिक पहचान दी गई, बल्कि रेल परिचालन में संरक्षा, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया गया।

DRM अखिलेश मिश्र ने संरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता करते हुए DRM श्री अखिलेश मिश्र ने सुरक्षित और संरक्षित रेल परिचालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संरक्षा को रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रेल परिचालन में छोटी-सी चूक भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में तकनीकी मानकों का पालन, सतर्कता, समयबद्ध निरीक्षण और कर्मचारियों की दक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
श्री अखिलेश मिश्र के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक ने संरक्षा से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने और परिचालन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की प्रतिबद्धता को सामने रखा।
ADRM मुकेश कुमार की मौजूदगी में अधिकारियों ने की समीक्षा
बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) श्री मुकेश कुमार, वरीय मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री रजत कुमार सिंह सहित मंडल के प्रमुख शाखा अधिकारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता ने बैठक को परिचालन और संरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समन्वित चर्चा का अवसर प्रदान किया। रेलवे में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, तकनीकी समस्याओं की समय पर पहचान और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन सुरक्षित परिचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारतीय रेल में पहली बार शुरू हुई प्रमाण पत्र देने की पहल

इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मुख्य लोको निरीक्षक के पद पर नवचयनित 24 अधिकारियों को पदोन्नति प्रमाण पत्र प्रदान करना रहा। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पद पर चयन के बाद प्रमाण पत्र देने की यह पहल पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल और संपूर्ण भारतीय रेल में पहली बार शुरू की गई है।
यह पहल पदोन्नति को औपचारिक पहचान देने के साथ-साथ नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के मनोबल और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य लोको निरीक्षक रेल परिचालन में लोको पायलटों के मार्गदर्शन, कार्यप्रणाली की निगरानी और संरक्षा मानकों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। इसलिए इस पद पर कार्यरत अधिकारियों की तकनीकी समझ और व्यावहारिक दक्षता का विशेष महत्व है।
11 दिनों का विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों पर फोकस
नवचयनित सभी 24 मुख्य लोको निरीक्षकों के लिए 17 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2026 तक ईएलटीसी/जीएमओ (ELTC/GMO) में विशेष प्रारंभिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण वरीय मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री रजत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं और आंकड़ों के विश्लेषण से संबंधित जानकारी दी गई। इसमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- ब्रेक पैटर्न एनालिसिस (BPA): ब्रेकिंग से संबंधित तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण।
- RTIS डेटा विश्लेषण: रेल परिचालन से संबंधित उपलब्ध डिजिटल डेटा की समीक्षा।
- SPM डेटा विश्लेषण: लोको परिचालन के प्रदर्शन और निर्धारित मानकों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन।
- व्हील गेज मापन एवं विश्लेषण: आवश्यक तकनीकी माप और जांच प्रक्रियाओं की जानकारी।
- अन्य तकनीकी जांच: कार्यक्षेत्र से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं और संरक्षा मानकों का प्रशिक्षण।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचयनित अधिकारियों को उनकी नई भूमिका के अनुरूप तैयार करना और उन्हें तकनीकी विश्लेषण के आधार पर परिचालन संबंधी निर्णय लेने में सक्षम बनाना था।
संरक्षा और तकनीक के समन्वय से बेहतर रेल परिचालन की दिशा में कदम
धनबाद मंडल में आयोजित यह बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम सुरक्षित रेल परिचालन के लिए मानव संसाधन विकास, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक समन्वय के महत्व को दर्शाता है। DRM श्री अखिलेश मिश्र की अध्यक्षता में संरक्षा को केंद्र में रखकर हुई समीक्षा, ADRM श्री मुकेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता और 24 नवचयनित मुख्य लोको निरीक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान करने की पहल ने कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बनाया।
रेलवे में संरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि निरंतर प्रशिक्षण, सतर्क निगरानी और तकनीकी प्रक्रियाओं के प्रभावी उपयोग से भी जुड़ी है। धनबाद मंडल की यह पहल इसी दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
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