नेल्लोर-नरसापुर के बीच तट से टकरा सकता है तूफान, 19 उड़ानें रद्द; चेन्नई में भारी बारिश से स्कूल बंद
नई दिल्ली/अमरावती/चेन्नई: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) तेजी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में प्रशासन अलर्ट पर है। कई तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।

आंध्र प्रदेश में 19 घरेलू उड़ानें रद्द
चक्रवात मुरासु का असर हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। सोमवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से संचालित कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें रद्द हुईं। वहीं विशाखापत्तनम में चार और तिरुपति में तीन उड़ानें रद्द की गईं। चेन्नई हवाई अड्डे पर भी खराब मौसम के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपनी उड़ान की स्थिति जानने और जरूरी जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने की अपील की है।
चेन्नई में भारी बारिश, कई इलाकों में जलभराव
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों के कई इलाकों में रविवार रात से मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चेन्नई और तिरुवल्लुर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के तटीय इलाकों को पार करने के बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
आंध्र प्रदेश की मदद के लिए तमिलनाडु ने भेजीं टीमें
चक्रवात से निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार ने आंध्र प्रदेश की सहायता के लिए राहत और बिजली बहाली से जुड़ी टीमें भेजी हैं। तमिलनाडु की ओर से 90 कर्मियों वाली राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तीन टीमें और बिजली विभाग के 500 कर्मचारियों वाली 25 टीमें आंध्र प्रदेश भेजी गई हैं। इन टीमों के साथ जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और संभावित नुकसान से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। राज्य प्रशासन तटीय और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रख रहा है।
ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात मुरासु का असर ओडिशा में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुछ दक्षिणी जिलों में 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है।
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, तूफान का केंद्र आंध्र प्रदेश के तट पर रहने का अनुमान है, लेकिन इसका प्रभाव ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इससे पहले चक्रवात अर्नब से प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की थी। उन्होंने कहा है कि मुरासु के गुजरने के बाद नुकसान का आकलन कर राहत पैकेज की समीक्षा की जाएगी।
लगातार दूसरे चक्रवात से तटीय राज्यों की बढ़ी चिंता
पूर्वी तट पर एक सप्ताह के भीतर दूसरे चक्रवात का खतरा पैदा होने से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के प्रशासन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। फिलहाल सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से समुद्र के किनारे जाने से बचने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
नोट: चक्रवात मुरासु की लैंडफॉल संबंधी जानकारी 2 नवंबर 2026 के IMD पूर्वानुमान पर आधारित है। मौसम की स्थिति और चेतावनियों में बदलाव संभव है।






















