नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश की आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए VISTAR योजना को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना के लिए 4,371.10 करोड़ रुपए का प्रावधान स्वीकृत किया गया. इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा.
खबर की तीन बड़ी बातें
- पांच वर्षों में सरकारी आंकड़ों के संग्रह, जांच और विश्लेषण की व्यवस्था मजबूत की जाएगी.
- सांख्यिकी मंत्रालय ने 59 सर्वे करने का प्रस्ताव रखा है. पिछले चक्र में 43 प्रमुख सर्वे हुए थे.
- आठवीं आर्थिक गणना के जरिए गैर-कृषि प्रतिष्ठानों और उनमें काम करने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी.
क्या है VISTAR योजना?
VISTAR का पूरा नाम विकसित भारत पहल—सांख्यिकीय परिवर्तन, विश्लेषण एवं अनुसंधान है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की यह योजना आंकड़ों को समय पर उपलब्ध कराने, उनकी बारीकी बढ़ाने और अलग-अलग सरकारी प्रणालियों में उनका इस्तेमाल आसान बनाने पर केंद्रित है.
योजना के तीन हिस्से हैं—व्यापक सांख्यिकीय गतिविधियां और व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, राज्यों की सांख्यिकीय क्षमता को समर्थन और आर्थिक गणना.
59 सर्वे और AI का इस्तेमाल
16वें वित्त आयोग के चक्र में प्रस्तावित 59 सर्वे के साथ आंकड़ा जुटाने से लेकर जारी करने तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर रहेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग मुख्य रूप से डेटा प्रोसेसिंग, सत्यापन और विश्लेषण में करने की योजना है.
सेवा क्षेत्र के उत्पादन और असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के लिए नए सूचकांक भी प्रस्तावित हैं. पारंपरिक सर्वे के साथ मोबाइल फोन, स्कैनर और ई-कॉमर्स से मिलने वाले वैकल्पिक आंकड़ों के इस्तेमाल पर काम होगा.
राज्यों और जिलों को क्या मदद मिलेगी?
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बेहतर स्थानीय आंकड़े तैयार करने के लिए वित्तीय और तकनीकी मदद दी जाएगी. रोजगार, घरेलू उपभोग और उद्यमों से जुड़े सर्वे में जिला स्तर तथा दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के अनुमान बढ़ाने पर ध्यान रहेगा.
आठवीं आर्थिक गणना क्यों अहम है?
आर्थिक गणना में गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की गतिविधियों और कामगारों की जानकारी ग्राम पंचायत तथा नगरपालिका वार्ड स्तर तक जुटाने की तैयारी है. इससे राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर बनाने और लक्षित उद्यम सर्वे करने का आधार मिलेगा.
बेहतर स्थानीय आंकड़े नीति बनाने वालों को जरूरतें पहचानने और योजनाओं का आकलन करने में मदद कर सकते हैं. VISTAR संस्थागत सुधार की योजना है; इसमें आम नागरिकों के लिए सीधे नकद भुगतान की घोषणा नहीं की गई है.
तस्वीर: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की फाइल फोटो.






















