ST.News Desk
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एक सरकारी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया है। छात्रा की मौत को लेकर रैगिंग, मारपीट और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में तीन सीनियर छात्राओं और एक प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के चलते छात्रा की हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो
बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान छात्रा ने अपनी मौत से पहले मोबाइल पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी घटना का जिक्र किया। वीडियो में छात्रा ने मानसिक और यौन उत्पीड़न की बात कही और यह भी बताया कि उसे शिकायत न करने की धमकियां दी गई थीं।
पिता का आरोप, कॉलेज का पक्ष
मृतक छात्रा के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 18 सितंबर 2025 को कॉलेज की तीन सीनियर छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और चुप रहने की धमकी दी। साथ ही, एक प्रोफेसर पर अश्लील हरकतें करने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पिता के अनुसार, लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी गहरे सदमे में चली गई थी।
वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रा पहले वर्ष में फेल हो गई थी, इसके बावजूद उसने द्वितीय वर्ष में प्रवेश लिया था।
इलाज के दौरान हुई मौत
छात्रा की हालत बिगड़ने के बाद उसे कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अंततः 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता का आरोप है कि उन्होंने 20 दिसंबर को पुलिस और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारी अशोक रतन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 75, 115(2) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के तहत उन सभी अस्पतालों की भी पड़ताल की जाएगी, जहां छात्रा को मौत से पहले भर्ती कराया गया था।

