crossorigin="anonymous"> सासाराम कुशवाहा सभा भवन में सफाई कर्मियों की विस्तारित बैठक, 10 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की चेतावनी - Sanchar Times

सासाराम कुशवाहा सभा भवन में सफाई कर्मियों की विस्तारित बैठक, 10 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की चेतावनी

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सफाई कर्मियों का शोषण बंद हो, ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान

हैदर अली, संचार टाइम्स ब्यूरो रोहतास

सासाराम के कुशवाहा सभा भवन में सफाई कर्मियों की एक विस्तारित बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उनके विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कामरेड संजय सिंह यादव ने की। मंच पर और वक्ताओं के रूप में महिला कर्मी रीता देवी, शारदा देवी, जुबेदा खातून, तथा सुरेंद्र राम और आनंद राम मौजूद थे।

बैठक के मुख्य वक्ता अशोक बैठा, अध्यक्ष, मजदूर सफाई कर्मी संघ, नगर निगम सासाराम ने कहा कि 15 दिन पहले अगस्त माह में एक 10 सूत्री मांग-पत्र नगर आयुक्त और जिला पदाधिकारी के माध्यम से मेयर को सौंपा गया था। इस पर नगर आयुक्त ने सैकड़ों मजदूरों के समक्ष आश्वासन दिया था कि चार दिन के भीतर सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि सभी जोन में ठेकेदार मजदूरों को मनमाने ढंग से दैनिक मजदूरी पर काम दे रहे हैं। तीन वर्ष पूर्व सफाई कर्मी संघ और निगम प्रशासन के बीच हुए लिखित समझौते के तहत मजदूरों को ₹510 प्रतिदिन की मजदूरी, साल में दो बार ₹4000 मूल्य के कपड़े, पीएफ की 12.5% कटौती और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने की बात तय हुई थी, लेकिन आज तक इसका पालन नहीं किया गया।

अशोक बैठा ने आरोप लगाया कि मजदूरों से ठेकेदार ₹5000 तक की अवैध वसूली कर रहे हैं। ट्रैक्टर पर काम करने वाले मजदूरों को मात्र ₹510 मिल रहा है, जबकि अन्य को ₹300–₹400 के बीच ही मजदूरी दी जा रही है। इससे मजदूरों का खुला शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर महीने ठेकेदारों द्वारा 10–12 लाख रुपये की अवैध कमाई की जा रही है, और अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि चुप हैं — जो स्पष्ट करता है कि सभी के बीच पैसे का बंदरबांट हो रहा है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार और प्रशासन मजदूरों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करता, तो 10 सितंबर 2025 को अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के बैनर तले जिला मुख्यालय पर विशाल रैली और आंदोलन किया जाएगा। इसमें जिले भर से सफाई कर्मी, प्रखंड, अंचल और ग्राम स्तर के भूमिहीन मजदूर शामिल होंगे।

इस आंदोलन में आवासीय भूमि, पर्चा, सीलिंग से अधिशेष भूमि के वितरण, भूदान भूमि पर अधिकार और बाढ़–सूखे की स्थायी समाधान जैसी मांगें भी शामिल रहेंगी।


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