
ST.News Desk

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में आम आदमी पार्टी (आप) के चार विधायकों को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। निलंबित विधायकों में सोम दत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा और कुलदीप कुमार शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने एक बयान में कहा कि “सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालने और इसकी मर्यादा का उल्लंघन करने के कारण” विपक्षी सदस्यों को निलंबित किया गया है। इससे पहले संजीव झा, जरनैल सिंह और कुलदीप कुमार को कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में शीतकालीन सत्र से तीन दिनों के लिए निलंबित किया गया था।
निलंबन पर संजीव झा का पक्ष
निलंबित विधायक संजीव झा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने सदन में यह मांग उठाई थी कि भाजपा के मंत्रियों और विधायकों को विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा गुरु तेग बहादुर के कथित अपमान से संबंधित वीडियो साझा करने वाले अपने सोशल मीडिया पोस्ट हटाने चाहिए। उनका आरोप है कि इसी मांग के बाद उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।
वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग
संजीव झा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से यह निर्देश देने की मांग की थी कि संबंधित वीडियो का सदन में उपयोग न किया जाए, क्योंकि उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मांग उठाते ही उन्हें बाहर निकाल दिया गया और उनके सहयोगी विधायक बहिर्गमन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मार्शल की मदद से सदन से बाहर कर दिया गया।
हंगामे के कारण बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
आप विधायकों के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर एक बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्षी विधायक अध्यक्ष से बहस करते रहे, जिसके बाद सदन को दोपहर के भोजन तक के लिए फिर से स्थगित कर दिया गया।
गुरु तेग बहादुर अपमान विवाद
दो दिनों तक पूरी तरह बाधित रहने के बाद शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। भाजपा ने विपक्ष की नेता आतिशी पर गुरु तेग बहादुर के अपमान का आरोप लगाया था, जिसके चलते सदन में लगातार हंगामा देखने को मिला। इस दौरान सदस्यों ने नियम 280 के तहत अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली में जल आपूर्ति को लेकर एक बयान भी दिया।
अनुदान मांगें और विनियोग विधेयक पारित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की पूरक मांगें सदन में पेश कीं, जिन्हें ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही उनके द्वारा प्रस्तुत दिल्ली विनियोग विधेयक, 2026 को भी विधानसभा की मंजूरी मिल गई।

