
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो संचार टाइम्स

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर दलित और गरीब वोटरों के अधिकारों पर हमला कर रहे हैं।
शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग गरीबों से पासपोर्ट और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मांग रहा है, जबकि आमतौर पर गरीबों के पास मनरेगा कार्ड, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड ही होते हैं। उन्होंने इसे एक “साजिश” करार दिया और कहा कि जानबूझकर ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जो गरीबों के पास नहीं होते, ताकि उनके वोट को अमान्य किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सक्षम और संपन्न वर्ग के पास तो सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं, लेकिन भूमिहीन और पिछड़े वर्गों के लोगों से खतियान और अन्य कठिन दस्तावेजों की मांग करना सरासर अन्याय है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि यह सब कुछ तेजस्वी यादव की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर किया जा रहा है।
शिवचंद्र राम ने दावा किया कि जनता अब इस साजिश को समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे सत्ता पक्ष को राजनीतिक नुकसान भुगतना पड़ सकता है।
