
ST.News Desk, New Delhi : एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए गए सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान पीएम मोदी ने स्वयं प्रस्तावक की भूमिका निभाई और रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन पत्रों के चार सेट सौंपे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, किरेन रिजिजू, जीतन राम मांझी समेत भाजपा और एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

नामांकन दाखिल करने से पहले सीपी राधाकृष्णन ने संसद परिसर में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, अर्जुन राम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, एल. मुरुगन, राम मोहन नायडू और भाजपा नेता विनोद तावड़े भी मौजूद थे।
सीपी राधाकृष्णन का परिचय: जन्म: तमिलनाडु, ओबीसी समुदाय (गाउंडर-कोंगु वेल्लालर), 1998 में पहली बार लोकसभा सांसद बने, वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल, पूर्व में झारखंड के राज्यपाल, साथ ही तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक, वे तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति बनने वाले तीसरे नेता होंगे।
उपराष्ट्रपति पद खाली क्यों हुआ?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया।
विपक्ष का प्रत्याशी : इंडिया गठबंधन की ओर से जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है। वे कल 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। जस्टिस रेड्डी ने कहा, “मैं अपने नामांकन से खुश हूं। अगर यह अप्रिय होता, तो मैं यह यात्रा क्यों करता?”
आगे क्या?
21 अगस्त को नामांकन की अंतिम तारीख है। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब सीधा मुकाबला एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और इंडिया गठबंधन के जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच होने जा रहा है।
