
ST.News Desk

नई दिल्ली: देश की प्रमुख महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी NTPC लिमिटेड को टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टीट्यूट द्वारा वर्ष 2026 के लिए ‘टॉप एम्प्लॉयर इंडिया’ के रूप में मान्यता दी गई है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब NTPC को यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि NTPC के उच्च प्रदर्शन वाले और कर्मचारी-केंद्रित कार्यस्थल के निर्माण पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। कंपनी डेटा-आधारित मानव संसाधन रणनीतियों, स्वतंत्र मूल्यांकन और प्रगतिशील HR प्रथाओं के माध्यम से कर्मचारी जुड़ाव, उत्पादकता और दीर्घकालिक संगठनात्मक विकास को बढ़ावा दे रही है।
टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टीट्यूट, जो 131 देशों और क्षेत्रों में सक्रिय एक वैश्विक HR प्रमाणन और बेंचमार्किंग संस्था है, संगठनों का मूल्यांकन अपने व्यापक HR बेस्ट प्रैक्टिसेज सर्वे के माध्यम से करता है। इस आकलन में छह प्रमुख HR डोमेन और 20 विषय शामिल हैं, जिनमें पीपल स्ट्रैटेजी, कार्य परिवेश, टैलेंट एक्विजिशन, लर्निंग एंड डेवलपमेंट, विविधता एवं समावेशन तथा कर्मचारी कल्याण जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
NTPC ने संस्थान के प्रमाणन कार्यक्रम के अंतर्गत HR बेस्ट प्रैक्टिसेज सर्वे, वैलिडेशन और ऑडिट प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर 2026 के लिए टॉप एम्प्लॉयर का दर्जा हासिल किया है।
यह प्रमाणन NTPC की “पीपल बिफोर PLF (प्लांट लोड फैक्टर)” की सोच से प्रेरित सकारात्मक और समावेशी कार्य संस्कृति को दर्शाता है। कंपनी का नेतृत्व दृष्टिकोण और प्रगतिशील जन-केंद्रित नीतियां संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ कर्मचारी प्रदर्शन और सहभागिता को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।
वर्तमान में NTPC के पास 87 गीगावॉट से अधिक की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता है, जबकि 32 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने वर्ष 2032 तक अपनी क्षमता 149 गीगावॉट करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा से होगी। इसके अलावा 2037 तक कुल क्षमता को 244 गीगावॉट तक पहुंचाने की योजना है।
NTPC की दीर्घकालिक विकास योजना के तहत नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं, परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और केमिकल्स जैसे क्षेत्रों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की परिकल्पना की गई है। थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड पावर के विविध पोर्टफोलियो के साथ NTPC देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ भारत के ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को तेजी से अपनाने पर केंद्रित है।

