
ST.News Desk

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की आवाज उठाने पर पप्पू यादव को डराया और धमकाया जा रहा है। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का साफ उदाहरण है।
व्यवस्था की गहरी सड़ांध उजागर
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पटना में नीट आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर व्यवस्था की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है। उन्होंने बताया कि 35 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी की गई है, जो कई सवाल खड़े करती है।
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
राहुल गांधी का आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना “भाजपा-राजग मॉडल” सामने आया—मामले को भटकाना, परिजनों को प्रताड़ित करना और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण देना।
आवाज को दबाने की कोशिश
उन्होंने कहा कि छात्रा के लिए न्याय की आवाज बनकर खड़े हुए पप्पू यादव की गिरफ्तारी का उद्देश्य जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को डराना और दबाना है। राहुल गांधी ने इसे सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि एक खतरनाक चलन करार दिया।
बिहार की बेटी की सुरक्षा का सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि यह राजनीति नहीं, बल्कि इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा से जुड़ा मामला है, जहां सत्ता आंखें मूंदे बैठी है।
प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पप्पू यादव के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या का मामला बेहद झकझोर देने वाला है, लेकिन उससे भी ज्यादा खौफनाक सरकार का रवैया है।
आरोपियों के साथ खड़ी सरकार
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी से लेकर जांच और कार्रवाई तक सब कुछ संदिग्ध बनाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी और अब पटना—जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी नजर आती हैं।
असंवेदनशीलता का आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस मामले में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी सरकार की असंवेदनशीलता की एक और कड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों का एजेंडा साफ है—वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।

