
हैदर अली
पटना (संचारटाइम्स.न्यूज)

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जन सुराज उद्घोष यात्रा के तहत शेखपुरा और लखीसराय के एक दिवसीय दौरे पर हैं। शेखपुरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्री बाबू के शासनकाल में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शुमार था, लेकिन आज बिहार की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वह विकास के ज्यादातर मापदंडों में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल हो गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज श्री बाबू के शासनकाल में बिहार की जो स्थिति थी, उसे फिर से स्थापित करने का प्रयास करेगा।
इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये पार्टियां अपने नेताओं या उन लोगों को भारत रत्न और अन्य उपाधियाँ देती हैं, जो उनके राजनीतिक लाभ में आते हैं या जिनकी विचारधारा उनके करीब होती है। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी की इस नीति की आलोचना की, जहां महापुरुषों के बजाय पार्टी के नेताओं को पुरस्कार दिए गए हैं।
नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर प्रशांत किशोर का हमला
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर एक बार फिर सवाल उठाया और कहा कि अगर नीतीश कुमार पूरी तरह स्वस्थ हैं तो सरकार उनका मेडिकल बुलेटिन क्यों नहीं जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में BPSC आंदोलन के दौरान यह खुलासा हुआ था कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वह विषयों को समझ नहीं पा रहे हैं और न ही यह जान पा रहे हैं कि उनके राज्य में क्या हो रहा है। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं और अब वे फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार बिना कागज देखे अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के नाम और विभाग नहीं बता सकते हैं।
प्रशांत किशोर ने यह चेतावनी दी कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, नीतीश कुमार का बचकाना व्यवहार और ज्यादा सामने आएगा।
प्रशांत किशोर ने जन सुराज के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह जन सुराज के नेता नहीं हैं, बल्कि सिर्फ एक सूत्रधार हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज किसी एक व्यक्ति का दल नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों का दल है जो बिहार में बदलाव और तरक्की चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि जन सुराज का उद्देश्य महात्मा गांधी की कांग्रेस को पुनर्जीवित करना है, जो आजादी से पहले भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन करती थी।
“जन सुराज बिहार में बदलाव और तरक्की चाहने वाले करोड़ों लोगों का दल है, और मैं इसका केवल सूत्रधार हूं, नेता नहीं। हमारा उद्देश्य बिहार को फिर से उस स्थिति में लाना है, जहां वह श्री कृष्ण सिंह के समय में था।”
“अगर नीतीश कुमार पूरी तरह से स्वस्थ हैं, तो सरकार उनका मेडिकल बुलेटिन क्यों नहीं जारी करती? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और राज्य की हालत को समझ नहीं पा रहे हैं।”
