कहा, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री लगातार विभिन्न देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह संकट जल्द समाप्त होगा तथा समझौते के जरिए समाधान निकलेगा
हरियाणा के समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुक्रवार से शुरू हो गई। संघ के सह सरकार्यवाह सी.आर. मुकुंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के कारण इस बार बैठक का विशेष महत्व है और इसमें देशभर से 1400 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
ST.News Desk
हरियाणा के समालखा में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक तीन दिनों तक चलेगी। बैठक की शुरुआत दिवंगत नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई दिवंगत व्यक्तियों को याद किया गया।
बैठक के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के सह सरकार्यवाह सी.आर. मुकुंद ने कहा कि इस वर्ष संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, इसलिए इस बार की प्रतिनिधि सभा का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में देशभर से 1400 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
मिडिल ईस्ट में जंग पर संघ का बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहली बार संघ ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। सी.आर. मुकुंद ने कहा कि भारत सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए, इसका फैसला सरकार ही करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री लगातार विभिन्न देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह संकट जल्द समाप्त होगा तथा समझौते के जरिए समाधान निकलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशों में रह रहे हिंदू संगठनों से संघ का संपर्क लगातार बना हुआ है।
संगठनात्मक बदलाव और यूजीसी पर प्रतिक्रिया
संगठनात्मक बदलाव के सवाल पर सी.आर. मुकुंद ने कहा कि संघ में समय-समय पर जरूरत के अनुसार परिवर्तन किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की भौगोलिक संरचना और जरूरतों को देखते हुए बदलाव पर विचार चल रहा है और जब भी कोई निर्णय होगा, इसकी जानकारी दी जाएगी। यूजीसी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और समाज में मौजूद भेदभाव को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मुद्दे पर असंतुलन पैदा हुआ है तो उस पर न्यायालय ने भी संज्ञान लिया है और सरकार भी समाधान की दिशा में प्रयास करेगी।
हर गांव और हर घर तक पहुंचने का अभियान
संघ ने बताया कि पिछले समय में उसकी शाखाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार करीब 5000 नई शाखाएं बढ़ी हैं। संगठन का लक्ष्य हर घर और हर गांव तक पहुंचने का है। संघ का दावा है कि अब तक वह करीब 10 करोड़ परिवारों और 3 लाख से ज्यादा गांवों तक पहुंच बना चुका है।
गृह संपर्क अभियान के दौरान संघ के स्वयंसेवक केरल में कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े परिवारों के साथ-साथ मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय के घरों में भी गए। संगठन के अनुसार करीब 55 हजार मुस्लिम और 54 हजार क्रिश्चियन घरों में स्वयंसेवकों ने संपर्क किया और उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता
सी.आर. मुकुंद ने बताया कि संघ अब तक देशभर में करीब 36 हजार हिंदू सम्मेलन आयोजित कर चुका है और आने वाले तीन से चार महीनों में और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जिसका संघ स्वागत करता है। इसके अलावा मणिपुर में हालात सुधरने को भी सकारात्मक बताया गया। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अपील की कि वहां रहने वाले हिंदुओं की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

