Punjab National Bank (PNB) में बड़े पैमाने पर तबादलों के साथ-साथ प्रमोशन प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अधिकारियों की यूनियन ने चेतावनी दी है कि इन फैसलों से बैंक के कामकाज पर असर पड़ सकता है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है
ST.News Desk
All India Punjab National Bank Officers’ Association ने आरोप लगाया है कि केवल तबादले ही नहीं, बल्कि प्रमोशन प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे बैंक के संचालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
यूनियन के अनुसार, उच्चस्तरीय प्रबंधन में पूर्व United Bank of India के सक्षम अधिकारियों के प्रमोशन में भी भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप सामने आ रहे हैं। बैंक के विलय के बाद PNB में पदस्थापित यूनाइटेड बैंक के अधिकारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि PNB के भीतर एक विशेष लॉबी प्रबंधन स्तर पर प्रभाव डाल रही है, जो यूनाइटेड बैंक के अधिकारियों के करियर ग्रोथ में बाधा बन रही है। आरोप है कि इन अधिकारियों को उच्च प्रबंधन में आने से रोकने के लिए उनके प्रमोशन को जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है, जो एक सुनियोजित षड्यंत्र जैसा प्रतीत होता है।
यूनियन ने मांग की है कि इन सभी मामलों की पुनः समीक्षा की जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की जांच वित्त मंत्रालय के मंत्री और सचिव स्तर पर कराई जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
यूनियन का कहना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक निर्णयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बैंक की कार्यप्रणाली, निष्पक्षता और अधिकारियों के मनोबल पर सीधा असर पड़ रहा है।
All India Punjab National Bank Officers’ Association ने बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Ashok Chandra को पत्र लिखकर Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के तबादलों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
यूनियन के अनुसार, कुल 1,142 Scale IV अधिकारियों—जो इस श्रेणी के लगभग एक-चौथाई हैं—का तबादला किया गया है, जिससे संगठन में व्यापक स्तर पर अस्थिरता पैदा हो गई है। यूनियन ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने मुख्य प्रबंधक (Chief Manager) स्तर के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर मनमाने तरीके से तबादला किया है, जो तय नीति के खिलाफ है। इसे उन्होंने विकास की नीति नहीं, बल्कि ‘प्रतिशोधात्मक कार्रवाई’ बताया।
एसोसिएशन के महासचिव Dilip Saha ने कहा कि कई अधिकारी पिछले 2 से 5 वर्षों से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे, जिन्हें पहले मंजूरी नहीं दी गई, लेकिन अब अचानक उन्हें अन्य जोनों में भेजा जा रहा है।
यूनियन ने कहा कि यह मुद्दा केवल तबादलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अधिकारियों के मनोबल, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक का नेतृत्व इस मामले में संतुलित और न्यायसंगत निर्णय लेगा।
गौरतलब है कि Punjab National Bank में लगभग 1 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें करीब 4,000 Scale IV अधिकारी शामिल हैं।

