
यह सख्त संदेश डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत लागू किए गए कड़े आव्रजन प्रवर्तन उपायों के तहत आया है, जिन्हें अब और भी सख्ती से लागू किया जा रहा है
ST.News Desk : भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी कानूनों या आव्रजन नियमों का उल्लंघन करने वाले वीज़ा धारकों को निर्वासित किया जा सकता है। यह सख्त संदेश डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत लागू किए गए कड़े आव्रजन प्रवर्तन उपायों के तहत आया है, जिन्हें अब और भी सख्ती से लागू किया जा रहा है।

“वीज़ा जारी होने के बाद अमेरिकी वीज़ा जाँच बंद नहीं होती।” इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि वीज़ा धारकों की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सभी अमेरिकी कानूनों और नियमों का सही पालन कर रहे हैं। यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है तो वीज़ा रद्द कर दिया जाएगा और व्यक्ति को अमेरिका से निर्वासित किया जा सकता है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कुछ ही दिन पहले दूतावास ने F, M और J वर्ग के वीज़ा (जो आमतौर पर छात्र और एक्सचेंज प्रोग्राम आगंतुकों को दिए जाते हैं) के आवेदकों को सलाह दी थी कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करें ताकि आव्रजन अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर सकें। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसका वीज़ा अस्वीकार किया जा सकता है, यहां तक कि उसे स्थायी रूप से अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।
पिछले महीने भी अमेरिकी दूतावास ने याद दिलाया था कि “अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।” इसके अलावा, 2019 से ही यह अनिवार्य किया गया है कि वीज़ा आवेदक पिछले पाँच वर्षों में उपयोग किए गए सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के हैंडल प्रस्तुत करें। दूतावास ने जोर देकर कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से ज़रूरी है ताकि आवेदकों की पहचान और उनकी विश्वसनीयता को पुख्ता किया जा सके।
इस सख्ती का सीधा असर भारत सहित उन सभी देशों के वीज़ा आवेदकों पर पड़ेगा जो अमेरिका में अध्ययन, शोध या अन्य गैर-आप्रवासी उद्देश्यों से जाना चाहते हैं। दूतावास की इस सख्त चेतावनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी जमीन पर कदम रखने से पहले और बाद में, हर गतिविधि कड़ी निगरानी में रहेगी।
