Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंलाइफस्टाइल
gym

अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बेचने वाले नियंत्रित करते हैं हमारा स्वास्थ्य

Posted on May 3, 2024 By Chhavi Singh

आप जिम जाएं, स्वस्थ भोजन करें और जितना हो सके पैदल चलें। आप हाथ धोएं और वैक्सीन लगवाएं, आप अपने स्वास्थ्य पर नियंतण्ररखें, यह एक सामान्य कहानी है जो हम खुद को बताते हैं। दुर्भाग्य से, यह बिल्कुल सच नहीं है। हमारे स्वास्थ्य में बाहर के ऐसे कारकों का बहुत बड़ा प्रभाव होता है, जिनपर हमारा कोई नियंतण्रनहीं होता। विशेष रूप से ऐसे उत्पाद जो हमें बीमार कर सकते हैं या मार सकते हैं, कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं और नियमित रूप से बेचे जाते हैं।

उदाहरण के लिए, आप और आपका परिवार दशकों से खतरनाक रसायनों के संपर्क में हैं, जिनमें से कुछ गुर्दे और वृषण कैंसर से जुड़े हैं। आप लगभग निश्चित रूप से इस समय अपने शरीर में इन रसायनों को ले जा रहे हैं, जिन्हें पीएफएएस या सदा बने रहने वाले रसायन के रूप में जाना जाता है। और यह तो बस शुरुआत है। अब हम जानते हैं कि उत्पाद के केवल चार वगरें तंबाकू, शराब, अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और जीवाश्म ईंधन के संपर्क में आने से दुनिया भर में हर तीन में से एक मौत होती है। यानी, वे हर साल (2019 तक) दुनिया की पांच करोड़ 60 लाख मौतों में से एक करोड़ 90 लाख में शामिल हैं। प्रदूषण मुख्यत: जीवाश्म ईंधन से अब असामयिक मृत्यु का सबसे बड़ा पर्यावरणीय कारण है। अेत समुदाय और कम आय वाले समुदाय असंगत प्रभावों का अनुभव करते हैं। प्रदूषण से संबंधित 90ù से अधिक मौतें निम्न मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। इसका मतलब यह है कि दुनिया भर में बीमारी और मृत्यु के लिए प्रमुख जोखिम कारक निगम हैं जो इन अस्वास्थ्यकर उत्पादों को बनाते हैं और बेचते हैं। इससे भी बुरी बात यह है कि जब इन निगमों को अपने उत्पादों से होने वाले नुकसान के बारे में पता चलता है, तब भी वे हमारे स्वास्थ्य की कीमत पर मुनाफा बढ़ाने के लिए अक्सर व्यवस्थित रूप से इन नुकसानों को छिपाते हैं। इनमें प्रमुख तम्बाकू, तेल, खाद्य, फार्मास्युटिकल और रासायनिक निगम हैं, जो समान तकनीकों को लागू करके अपना मुनाफा बढा रहे हैं और नुकसान फैला रहे हैं।

लाभ और हानि विवरण जब कंपनियां अपने उत्पादों से होने वाले नुकसान को छुपाने का काम करती हैं, तो वे हमें अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा करने से रोकती हैं। अब हमारे पास एस्बेस्टस, जीवाश्म ईंधन, कीटनाशक, सिलिका और निश्चित रूप से तंबाकू जैसे उत्पादों के कॉपरेरेट के गलत कायरें के प्रमाणित मामले हैं। इन उदाहरणों में, निगमों ने विनियमन में देरी करने या रोकने और मुनाफा बनाए रखने के लिए जानबूझकर संदेह पैदा किया या अपने उत्पादों के नुकसान को छिपाया। दशकों के अनुभवजन्य साक्ष्य से पता चलता है कि इन प्रभावी युक्तियों को वास्तव में साझा किया गया है और रणनीतिक रूप से एक उद्योग या कंपनी से दूसरे में स्थानांतरित किया गया है।

लाइफस्टाइल

Post navigation

Previous Post: बढ़ती उम्र में होने वाले अंधेपन का उपचार मिला
Next Post: ऋचा चड्ढा ने चुना ‘लज्जो’ का किरदार

Special Report

  • Pitra Paksha 2026
    Pitra Paksha 2026: पितृ पक्ष 26 या 27 सितंबर से? जानें भ्रम की असली वजह और सही तारीख
  • GENDER IDENTITY 1
    जेंडर आइडेंटिटी पर बढ़ती बहस: युवाओं, सोशल मीडिया और चिकित्सा से जुड़े सवाल
  • OnePlus 16
    OnePlus 16 भारत में नहीं आएगा? नए फ्लैगशिप को लेकर बड़ा दावा, 16R की हो सकती है एंट्री
  • हादसे रोकने के लिए सासाराम में रिफ्लेक्टर
  • St. Paul’s School में ‘सेवा ही संकल्प’ प्रतियोगिता
  • तीन बच्चों को मिला नया परिवार
  • बिना हेलमेट बाइक चला रहे 100 से अधिक लोगों को मिला हेलमेट
  • वृंदावन में शिष्य की संदिग्ध मौत

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • Facebook
  • YouTube
  • Instagram
  • X
  • WhatsApp

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया