Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंअंतर्राष्ट्रीय
prachand

भारत को नेपाल से चीनी उत्पादित बिजली खरीदने पर आपत्ति : प्रचंड

Posted on January 11, 2024 By Chhavi Singh

काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने बुधवार को कहा कि भारत को चीनी ठेकेदारों द्वारा उत्पादित हिमालयी राष्ट्र से बिजली खरीदने पर आपत्ति है।
संसदीय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि हर कोई नेपाल में निवेश और ऊर्जा उत्पादन करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन भारत के साथ दीर्घकालिक बिजली व्यापार के तहत, नई दिल्ली को चीनी कंपनियों/ठेकेदारों द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने पर आपत्ति है। पिछले हफ्ते विदेश मंत्री एस. जयशंकर की नेपाल यात्रा के दौरान दोनों पड़ोसी देशों ने दीर्घकालिक बिजली व्यापार पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे काठमांडू के नई दिल्ली को 10,000 मेगावाट बिजली निर्यात करने का रास्ता साफ हुआ था।
उन्होंने बताया कि समझौता 25 वर्षो के लिए वैध है, हर 10 साल में नवीनीकरण के अधीन है। भारत को चीनी सरकारी कंपनियों द्वारा सीधे उत्पादित बिजली पर आपत्ति है। चीन ने हमसे भारत को यह बताने के लिए कहा है कि यह चीनी सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनियां नहीं हैं, बल्कि इन्हें वि प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था।
प्रचंड ने कहा, भारत के सीमा पार ऊर्जा व्यापार दिशानिर्देशों के अनुसार, वह नेपाल से केवल भारतीय या नेपाली कंपनियों और निवेश द्वारा उत्पादित बिजली खरीदेगा। भारत के साथ समझौते में केवल भारतीय कंपनियों द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने का कोई जिक्र नहीं है। हमने भारत से अनुरोध किया है कि वह प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से उत्पादित बिजली को खरीदने पर विचार करे, जो भी उत्पादन करता है। जैसा कि नेपाल अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने और पड़ोसी देशों को निर्यात करने के लिए जलविद्युत विकास पर ध्यान केंद्रित करता है। एक नये अध्ययन से पता चला है कि हिमालयी राष्ट्र में 10 प्रमुख नदी-घाटियों और उनके उप-घाटियों में 72000 एमडब्ल्यू से अधिक जलविद्युत का दोहन करने की क्षमता है।
नेपाल के समृद्ध जल संसाधन लंबे समय से ज्ञात हैं क्योंकि देश में लगभग 6,000 नदियां हैं जिनकी कुल लंबाई 45,000 किमी है। एशियाई विकास बैंक के अनुसार, इन नदियों से औसत वाषर्कि जल अपवाह लगभग 220 बिलियन क्यूबिक मीटर है। 25 साल के दीर्घकालिक समझौते की शुरुआत तब हुई जब दहल ने 31 मई से 3 जून, 2023 तक भारत का दौरा किया था।

अंतर्राष्ट्रीय

Post navigation

Previous Post: परवेज मुशर्रफ को मौत के बाद भी नहीं मिली माफी
Next Post: यौन उत्पीड़न के शिकार लोग नहीं जानते कि उन्हें करना क्या है

Special Report

  • GENDER IDENTITY 1
    जेंडर आइडेंटिटी पर बढ़ती बहस: युवाओं, सोशल मीडिया और चिकित्सा से जुड़े सवाल
  • OnePlus 16
    OnePlus 16 भारत में नहीं आएगा? नए फ्लैगशिप को लेकर बड़ा दावा, 16R की हो सकती है एंट्री
  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • तिलौथू में पूर्व मुखिया मथुरा सिंह का बयान, बोले- सासाराम के लिए डॉ. अशोक कुमार ने किया सबसे ज्यादा काम
  • बिहार में वित्तीय संकट की बात अफवाह, डेहरी में मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने दिया बड़ा बयान
  • डेहरी NH-19 पर ट्रक की चपेट में आए अधिवक्ता, सासाराम कोर्ट जाते समय मौत
  • Rohini Jail Murder: अंडरट्रायल कैदी प्रमोद की धारदार हथियार से हत्या, तंबाकू के कारोबार को लेकर विवाद की आशंका
  • India-New Zealand FTA: दशहरा से लागू होगा Free Trade Agreement, भारतीय सामान को मिलेगी 100% Duty-Free Entry

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • Facebook
  • YouTube
  • Instagram
  • X
  • WhatsApp

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया