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भारत-चीन संबंधों में प्रगति के लिए सीमा पर शांति जरूरी : एस. जयशंकर

Posted on September 26, 2024September 26, 2024 By Chhavi Singh

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंधों का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और साथ ही स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले सीमा पर शांति बहाल करने की आवश्यकता है। जयशंकर ने एशिया सोसायटी और एशिया सोसायटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चीन के साथ भारत का कठिन इतिहास रहा है तथा दोनों देशों का समानांतर विकास बहुत-बहुत अनोखी समस्या पेश करता है।


विदेश मंत्री ने ‘भारत, एशिया और वि’ विषय कार्यक्रम में कहा, मुझे लगता है कि भारत-चीन संबंध एशिया के भविष्य के लिए अहम है। एक तरह से आप कह सकते हैं कि अगर दुनिया को बहु-ध्रुवीय बनाना है, तो एशिया को बहु-ध्रुवीय होना होगा। यह रिश्ता न केवल एशिया के भविष्य पर, बल्कि संभवत: दुनिया के भविष्य पर भी असर डालेगा। दो ऐसे देश हैं जो आपस में पड़ोसी हैं, वे इस दृष्टि से अनोखे हैं कि वे एक अरब से अधिक आबादी वाले देश भी हैं, दोनों वैिक व्यवस्था में उभर रहे हैं और उनकी सीमा अक्सर अस्पष्ट हैं तथा साथ ही उनकी एक साझा सीमा भी है। यह बहुत जटिल मुद्दा है। मुझे लगता है कि अगर आप आज वैिक राजनीति में देंखे तो भारत और चीन का समानांतर विकास बहुत अनोखी समस्या है। जयशंकर ने हाल में कहा था कि चीन के साथ सैनिकों की वापसी की लगभग 75 प्रतिशत समस्याओं को सुलझा लिया गया है। उनकी इस टिप्पणी का उल्लेख एशिया सोसायटी की बातचीत के दौरान किया गया।


विदेश मंत्री ने कहा, जब मैं कहता हूं कि इसमें से 75 प्रतिशत समस्याओं को सुलझा लिया गया है तो यह केवल सैनिकों के पीछे हटने के संबंध में है। यह समस्या का एक हिस्सा है। अभी मुख्य मुद्दा गश्त का है। आप जानते हैं कि हम दोनों कैसे वास्तविक नियंतण्ररेखा पर गश्त लगाते हैं। जयशंकर ने कहा कि 2020 के बाद गश्त की व्यवस्था बाधित हुई है और इसे हल करने की आवश्यकता है। यह बड़ा मुद्दा है क्योंकि हम दोनों सीमा पर बहुत बड़ी संख्या में सैनिकों को ले आए थे। हम इसे सैनिकों की वापसी कहते हैं और फिर एक बड़ा, अगला कदम वास्तव में यह है कि आप बाकी के रिश्ते से कैसे निपटते हैं? उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों और सीमा विवाद के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में कहा, भारत और चीन के बीच पूरे 3,500 किलोमीटर का सीमा विवाद है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सीमा शांतिपूर्ण हो ताकि रिश्ते में अन्य बातें आगे बढ़ सकें।

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