
कानपुर में लैंबॉर्गिनी से पैदल यात्रियों को कुचलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा ने हादसे के बाद फरार होकर एक ‘डमी ड्राइवर’ पेश कर जांच को गुमराह करने की कोशिश की। चार दिन तक फरार रहने के बाद उसे गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

ST.News Desk
Kanpur News : कानपुर पुलिस के अनुसार, 8 फरवरी को हुए इस हादसे के बाद शिवम मिश्रा मौके से फरार हो गया था। दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने अदालत में दाखिल अपनी अर्जी में कहा है कि हादसे के अगले दिन एक फर्जी शपथपत्र तैयार कराया गया, जिसमें ‘मोहन’ नाम के व्यक्ति को लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो (कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक) का ड्राइवर बताया गया।
इससे पहले शिवम के पिता और तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने भी दावा किया था कि हादसे के वक्त शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कारोबारी से जुड़े बाउंसर गाड़ी की नंबर प्लेट हटाने की कोशिश करते नजर आए, जिससे वाहन मालिक की पहचान छिपाई जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार लग्जरी कार ने ग्वालटोली इलाके में पहले एक ऑटो रिक्शा और खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, फिर फुटपाथ पर चढ़कर पैदल यात्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
मामले में बुधवार को उस समय नया मोड़ आया जब 45 वर्षीय मोहन नामक व्यक्ति ने जिला अदालत में पेश होकर दावा किया कि वही कार चला रहा था। उसने कहा कि कार से नियंत्रण उस समय खो गया जब बगल में बैठे शिवम को अचानक दौरा पड़ा। हालांकि अदालत ने मोहन की सरेंडर अर्जी खारिज कर दी।
पुलिस का कहना है कि जांच में सहयोग के लिए बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद शिवम पेश नहीं हुआ। चूंकि मामले में अधिकतम सजा सात साल से कम है, इसलिए शुरुआत में तत्काल गिरफ्तारी नहीं की गई थी और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत नोटिस जारी किया गया था। पुलिस ने अदालत को बताया कि शिवम ने बीएनएस की धारा 35 के तहत जांच में सहयोग की अनिवार्यता का पालन नहीं किया।
पुलिस ने शिवम की 14 दिन की कस्टडी की मांग की है। गिरफ्तारी के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय वह लंगड़ाते हुए पुलिसकर्मियों के सहारे चलता नजर आया।
परिवार ने पहले दावा किया था कि शिवम मिर्गी से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से स्पष्ट है कि हादसे के समय वाहन शिवम ही चला रहा था।

