ST.News Desk
भारत के सबसे बड़े बिजली क्षेत्र के आयोजन Bharat Electricity Summit 2026 का पहला संस्करण Yashobhoomi, New Delhi में शुरू हुआ। चार दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने किया। इस अवसर पर Pralhad Joshi, Shripad Naik, Pankaj Agarwal और Ghanshyam Prasad भी उपस्थित रहे।
प्रमुख घोषणाएँ
समारोह के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी किए गए: नेशनल रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान – देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की रणनीति
900 गीगावाट से अधिक गैर-जीवाश्म क्षमता के एकीकरण हेतु ट्रांसमिशन प्लान (2035-36)

इस ट्रांसमिशन योजना में शामिल हैं
1,37,500 सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें
8,27,600 MVA सबस्टेशन क्षमता
लगभग ₹7.93 लाख करोड़ का निवेश
भारत की ऊर्जा उपलब्धियाँ
अपने संबोधन में मनोहर लाल खट्टर ने भारत की ऊर्जा क्षेत्र में तेज प्रगति को रेखांकित किया, 50% गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता का लक्ष्य समय से पहले हासिल
ट्रांसमिशन नेटवर्क में 72% की वृद्धि (5 लाख सर्किट किमी से अधिक) 250 GW पीक डिमांड की सफल पूर्ति और भविष्य में 270 GW के लिए तैयारी
उन्होंने भारत को भविष्य में सस्ती ऊर्जा का वैश्विक निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ता हुआ बताया।

नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि थर्मल पावर अभी भी जरूरी है, लेकिन दीर्घकाल में नवीकरणीय ऊर्जा ही टिकाऊ समाधान है।
श्रिपाद नाइक ने बताया कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2.8 GW से बढ़कर 143 GW से अधिक हो चुकी है।
साथ ही,32 लाख से अधिक घर,23 लाख किसानस्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भागीदारी कर रहे हैं।
मजबूत बिजली ढांचा : पंकज अग्रवाल ने बताया कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े सिंक्रोनाइज़्ड पावर ग्रिड में से एक संचालित करता है, जिसमें:
उन्नत ग्रिड प्रबंधन
स्मार्ट मीटरिंग
मजबूत नीतिगत ढांचा शामिल है
वैश्विक मंच के रूप में समिट
यह समिट वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देगा, जिसमें:
100+ सत्र
300+ वक्ता
80+ देशों की भागीदारी
500+ प्रदर्शक (100 से अधिक स्टार्टअप)
25,000 से अधिक आगंतुक
यह आयोजन भारत की नवाचार, किफायती ऊर्जा और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

