गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होने जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक बने इस मेगा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को हर कदम पर हाईटेक सुरक्षा और त्वरित सहायता मिलेगी
ST.News Desk
मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। नरेंद्र मोदी ने हरदोई में आयोजित कार्यक्रम से इसका उद्घाटन किया। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे का निर्माण Adani Enterprises Limited द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों के साथ किया गया है।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। हर 10 किलोमीटर पर स्पीड कंट्रोल के लिए सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग करने पर स्वतः चालान काटेंगे। इससे दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।
यात्रियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम से जुड़ी मोबाइल रिकवरी वैन तैनात की गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में महज 8 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेंगी। अगर रास्ते में वाहन खराब हो जाता है तो मौके पर मैकेनिक पहुंचकर उसे ठीक करेंगे। वहीं, पेट्रोल या डीजल खत्म होने की स्थिति में भी तुरंत ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। इन चौकियों पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा और लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। साथ ही, एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी ताकि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
हापुड़ जिले के करीब 22 गांवों से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। आधुनिक संचार तकनीकों से लैस पुलिस चौकियां किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सक्षम होंगी।
कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ तेज सफर का नया विकल्प देगा, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव भी सुनिश्चित करेगा।

