ST.News Desk
Bharat Electricity Summit 2026 के दूसरे दिन एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar ने की। बैठक का सह-अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री Shripad Naik ने की।
इस बैठक में Gulab Chand Kataria, Pankaj Agarwal, Santosh Kumar Sarangi सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि यह समिट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे की रीढ़ है। भारत ने 520 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता, बेहतर DISCOM प्रदर्शन, स्मार्ट मीटरिंग के बड़े स्तर पर विस्तार और बिजली की कमी में कमी जैसे महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सस्ती और कुशल बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सुनिश्चित करना जरूरी है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
मनोहर लाल ने परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बताते हुए SHANTI Act को इस दिशा में एक बड़ा कदम बताया। साथ ही उन्होंने राज्यों को भरोसा दिलाया कि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक सुधारों को लागू करने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग देगी।
वहीं, श्रीपाद नाइक ने बिजली क्षेत्र में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग को इसका प्रमुख उदाहरण बताते हुए कहा कि भारत की लगभग आधी स्थापित क्षमता अब नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित स्रोतों से आ रही है। उन्होंने नए ड्राफ्ट राष्ट्रीय बिजली नीति का भी जिक्र किया, जो विकसित भारत 2047 के विजन को पूरा करने की दिशा तय करती है।

