मध्य तेहरान में हमलों के बाद पाकिस्तान सख्त, डिप्लोमैट्स को नुकसान पहुंचाने पर दी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी

शशि सिंह ,ब्यूरो प्रमुख (म.प्र.), संचार टाइम्स न्यूज़
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के माहौल में अब पाकिस्तान ने भी इजरायल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। तेहरान में हुए हमलों के बाद क्षेत्रीय स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान से जुड़े एक रणनीतिक मंच ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसे कतर समझने की भूल न की जाए, जिससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की नरमी के पक्ष में नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के आसपास हमलों की खबरें सामने आई हैं। इस बीच इजरायल रक्षा बलों ने शुक्रवार को मध्य तेहरान में बड़े पैमाने पर सिलसिलेवार हमले करने की पुष्टि की है, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान स्ट्रेटेजिक फोरम ने अपने बयान में कहा,
“इजरायल को यह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान कतर नहीं है। अगर हमारे डिप्लोमैट्स को दुनिया में कहीं भी किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाया गया, तो हम कड़ा जवाब देंगे।”
हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी दूतावास और उसके कर्मचारियों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन दूतावास के आसपास की कई इमारतें हमलों की चपेट में आई हैं, जिससे खतरे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब पहले से ही ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं और हालात को व्यापक संघर्ष की दिशा में धकेल सकती हैं।
तेहरान में हुए हमलों और पाकिस्तान की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो यह तनाव बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

