crossorigin="anonymous"> वृंदावन बोट हादसा : लापरवाही ने ली 10 जिंदगियां - Sanchar Times

वृंदावन बोट हादसा : लापरवाही ने ली 10 जिंदगियां

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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट केसी घाट और बंशीवट के बीच पांटून पुल से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में छह महिलाओं समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य को बचा लिया गया।

ST.News Desk

हादसा उस समय हुआ जब यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाने का काम चल रहा था। बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र को प्रतिबंधित किए बुलडोजर से पीपों को खींचा जा रहा था। इसी दौरान श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट उस क्षेत्र में पहुंच गई और हादसे का शिकार हो गई।

37 श्रद्धालु थे सवार, दो बोट में निकले थे

दोपहर करीब 2:30 बजे पंजाब के लुधियाना, हिसार और मुक्तसर से आए करीब 37 श्रद्धालु श्रृंगार घाट पहुंचे। वहां से वे दो मोटरबोट में सवार हुए। हादसे का शिकार हुई बोट में ही सभी 37 लोग सवार थे, जो बाद में यमुना में पलट गई।

चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब नाव यमुना में आगे बढ़ी तो कुछ यात्रियों को डर लगने लगा और उन्होंने चालक से स्पीड कम करने को कहा। लेकिन चालक ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया और बोट को तेज गति से पांटून पुल की ओर ले गया।

‘अब आगे मत जाओ, वापस चलो’-पर नहीं मानी बात

जब बोट पांटून पुल के पास पहुंची तो पानी कम था और हालात जोखिम भरे थे। यात्रियों ने चालक से बार-बार कहा कि बोट को वापस ले चलो, लेकिन उसने फिर भी स्पीड बढ़ा दी। अचानक तेज हवा के झोंके के साथ बोट पुल से टकरा गई और अनियंत्रित होकर पलट गई।

वजन एक तरफ होने से पलटी नाव

टक्कर के बाद बोट में सवार लोग घबराकर एक तरफ इकट्ठा हो गए, जिससे संतुलन बिगड़ गया। एक तरफ अधिक वजन होने के कारण मोटरबोट पलट गई और कई लोग यमुना में डूब गए।

ड्रोन से चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। डूबे हुए श्रद्धालुओं की तलाश के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। अंधेरा होने तक रेस्क्यू टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रही।

नाविक अब भी लापता

हादसे के बाद नाविक पप्पू का भी कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन उसकी तलाश में जुटा हुआ है और उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।

हादसे से पहले किए थे मंदिर में दर्शन

हादसे का शिकार हुए श्रद्धालुओं ने सुबह निधिवनराज मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद वे केसी घाट पहुंचे और बोट में सवार हुए, लेकिन कुछ ही देर बाद यह दर्दनाक हादसा हो गया।

प्रशासन पर उठे सवाल, FIR की तैयारी

इस घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बिना सुरक्षा इंतजाम के पुल हटाने का काम जारी रखना हादसे का बड़ा कारण माना जा रहा है। पुलिस अब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है।


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