कुरुक्षेत्र स्थित एनआईटी में बी-टेक छात्रा के सुसाइड के बाद कैंपस में माहौल गरमा गया है। लगातार बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों से नाराज़ छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीबीआई जांच की मांग की है
ST.News Desk
कुरुक्षेत्र एनआईटी में एक और छात्रा के सुसाइड ने पूरे कैंपस को झकझोर दिया है। घटना के बाद देर रात बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में इकट्ठा हो गए और “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात को देखते हुए एनआईटी प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया और मीडिया की एंट्री पर रोक लगा दी।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि संस्थान में प्रोफेसरों द्वारा मानसिक दबाव और उत्पीड़न के कारण सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं। छात्रों ने कहा कि पिछले दो महीनों में यह चौथा मामला है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले तीन सुसाइड के बाद बनाई गई कमेटी पूरी तरह निष्क्रिय है और अब तक उसकी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि एक हफ्ते में दो-दो सुसाइड हो रहे हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। छात्रों ने संस्थान में भ्रष्टाचार और एक “लॉबी” के सक्रिय होने का भी आरोप लगाया, जो छात्रों को परेशान कर रही है।
छात्रों के मुताबिक, मृत छात्रा को कथित रूप से प्रदर्शन में शामिल होने पर प्रोफेसरों द्वारा मार्कशीट रोकने की धमकी दी जा रही थी। वहीं, एक अन्य गंभीर आरोप यह भी है कि छात्रा का शव लंबे समय तक फंदे पर लटका रहा, लेकिन किसी ने समय पर ध्यान नहीं दिया।
घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया है। पुलिस बल के साथ एनआईटी के सुरक्षा गार्ड भी कैंपस में तैनात हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। 9 अप्रैल को सिरसा के प्रियांशु वर्मा (22), 31 मार्च को नूंह के पवन कुमार (22) और 16 फरवरी को तेलंगाना के अंगोद शिवा (19) ने कथित तौर पर हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
मामले पर पुलिस अधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और छात्रों की ओर से कोई संयुक्त बयान सामने नहीं आया है।

