ST.News Desk
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के ‘शर्म आती है’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा कि उन्हें भारत में रहने पर गर्व है, लेकिन उन लोगों पर शर्म आती है जो आतंकवादियों, माओवादियों और भारत-विरोधी तत्वों का बचाव करते हैं
नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कपिल सिब्बल के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में रिजिजू ने कहा कि उन्हें भारत में रहने पर गर्व महसूस होता है, लेकिन ऐसे लोगों पर शर्म आती है जो केवल पैसे के लिए आतंकवादियों, माओवादियों, भारत-विरोधी गिरोहों और अपराधियों का बचाव करते हैं।
रिजिजू ने अपने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान कपिल सिब्बल की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें सिब्बल ने कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्ता में बैठी पार्टी लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद शुरू हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में अभिषेक बनर्जी के काफिले पर कथित रूप से पथराव किया गया था। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हिंसा करार दिया और हमले के पीछे विरोधी दलों की साजिश का आरोप लगाया।
अभिषेक बनर्जी ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि वह मामले को अदालत तक ले जाएंगे। वहीं भाजपा नेताओं ने इस घटना को जनता के आक्रोश का परिणाम बताया और राजनीतिक साजिश के आरोपों को खारिज कर दिया।
भाजपा नेताओं ने भी किया पलटवार
कपिल सिब्बल की टिप्पणी पर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत में वकालत कर करोड़ों रुपये कमाने वाले कपिल सिब्बल का भारत में रहने पर शर्म महसूस करना आश्चर्यजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिब्बल ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण और संदेशखाली विवाद जैसे मामलों पर कभी उतनी मुखर प्रतिक्रिया नहीं दी, जितनी वह मौजूदा घटनाओं पर दे रहे हैं।
सियासी बयानबाजी तेज
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे जनता की नाराजगी से जोड़कर देख रही है। इसी बीच कपिल सिब्बल और किरेन रिजिजू के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने इस विवाद को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है।

