दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। पांच मंजिला ‘फ्लोरिश स्टे’ बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
रिपोर्ट: अरविंद कुमार, दिल्ली | संचार टाइम्स
सुबह कुछ ही मिनटों में फैली आग
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 8:45 से 8:50 बजे के बीच लगी। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आग की शुरुआत इमारत के बेसमेंट में स्थित ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ या उसके आसपास से हुई, जिसके बाद देखते ही देखते लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार
इस हादसे में जान गंवाने वालों में 17 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है।
खौफनाक मंजर, जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। कई मेहमानों ने धुएं और आग से बचने के लिए ऊपरी मंजिलों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। स्थानीय निवासियों ने नीचे सड़क पर गद्दे बिछाकर लोगों की मदद करने की कोशिश की, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। इसके अलावा, होटल के पास वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) भी नहीं थी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि होटल का मालिक फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।
प्रशासन और राहत कार्य
दिल्ली फायर सर्विस ने आग बुझाने के लिए आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
हादसे पर प्रधानमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी पीड़ितों को हर संभव चिकित्सा एवं राहत सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवन नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां आग लगने के सटीक कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच कर रही हैं।

