IPL 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सनसनी बने Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं तोड़े, बल्कि अपनी कामयाबी के पीछे परिवार के संघर्ष और त्याग की कहानी भी साझा की है
ST.News Desk
नई दिल्ली: Indian Premier League 2026 में इस बार एक नया सितारा सबका ध्यान खींच रहा है—15 वर्षीय Vaibhav Suryavanshi। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से उन्होंने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। अब तक खेले गए 9 मैचों में वह 238.10 की स्ट्राइक रेट से 400 रन बना चुके हैं और ऑरेंज कैप की रेस में पहले नंबर पर काबिज हैं।
लेकिन इन धमाकेदार पारियों के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा है। खुद Vaibhav Suryavanshi ने भावुक होकर कहा, “मैं आज जो कुछ भी हूं, अपने माता-पिता की वजह से हूं।” उनकी सफलता के पीछे परिवार का त्याग सबसे बड़ी ताकत रहा है।

मां की नींद और पिता का संघर्ष
वैभव की मां ने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी नींद तक कुर्बान कर दी। वह रोज रात 2 बजे उठकर घर के काम निपटातीं और वैभव के प्रैक्टिस के लिए खाना तैयार करती थीं। वहीं, उनके पिता ने अपने काम से दूरी बना ली ताकि वह हर कदम पर बेटे का साथ दे सकें। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके बड़े भाई ने संभाली, जिससे वैभव बिना किसी दबाव के क्रिकेट पर ध्यान दे सके।
मैदान पर रिकॉर्ड की बरसात
Vaibhav Suryavanshi ने इस सीजन में अब तक 34 चौके और 37 छक्के जड़े हैं, जबकि उनका औसत 44.44 का है। उन्होंने दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों जैसे Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood के खिलाफ भी बेखौफ बल्लेबाजी की है।
हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ 16 गेंदों में 43 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर उन्होंने Abhishek Sharma को पीछे छोड़ते हुए इस सीजन के टॉप रन स्कोरर का खिताब हासिल किया। खास बात यह है कि उन्होंने महज 167 गेंदों में 400 रन बनाकर एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया है।
परिवार ही असली ताकत
यह कहानी सिर्फ रनों और रिकॉर्ड्स की नहीं, बल्कि उस भरोसे और त्याग की है जो एक परिवार अपने बच्चे के सपनों के लिए करता है। Vaibhav Suryavanshi ने साबित कर दिया है कि असली चैंपियन सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि घर के उस माहौल में बनते हैं जहां परिवार हर मुश्किल में साथ खड़ा रहता है।

