नई दिल्ली के पटेल नगर क्षेत्र में केंद्रीय जिला प्रशासन ने जन सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार होटलों को सील कर दिया। एसडीएम डॉ. नितिन शाक्य के नेतृत्व में चलाए गए संयुक्त निरीक्षण अभियान के दौरान कई होटलों में फायर सेफ्टी नियमों के गंभीर उल्लंघन और सुरक्षा व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही सामने आई
ST.News Desk
नई दिल्ली: राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्रीय जिला प्रशासन ने पटेल नगर क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। एसडीएम पटेल नगर डॉ. नितिन शाक्य के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने चार होटलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
निरीक्षण के दौरान होटल Almondz में फायर सेफ्टी से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन पाए गए। जांच में सामने आया कि होटल का आपातकालीन निकास (फायर एग्जिट) बंद और लॉक था, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। इसके अलावा रूफटॉप पर डीजल से भरे कई गैलन रखे मिले, जो आग लगने की स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकते थे।
प्रशासनिक टीम ने यह भी पाया कि होटल में मौजूद अधिकांश अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) एक्सपायर हो चुके थे और उनकी स्थिति बेहद खराब थी। हैरानी की बात यह रही कि रिसेप्शन पर तैनात कर्मचारी और होटल प्रबंधन फायर अलार्म सिस्टम को संचालित करने तक की जानकारी नहीं रखते थे।
अभियान के दौरान अन्य होटलों में भी फायर सेफ्टी नियमों की घोर अनदेखी सामने आई। कई स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं थे। प्रशासन ने इन कमियों को आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। यदि किसी दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती तो इन लापरवाहियों के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था।
एसडीएम पटेल नगर डॉ. नितिन शाक्य ने कहा कि सभी होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जन सुरक्षा से समझौता करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।
केंद्रीय जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी जवाबदेही और प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जनहित में ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

