नई दिल्ली: Central Board of Secondary Education यानी CBSE के 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद इस बार मार्किंग सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर इस साल रिजल्ट प्रतिशत पिछले सात वर्षों में सबसे कम रहने के बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर कॉपियां AI से चेक होने जैसे दावे भी किए जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब जानना जरूरी है।
Q1. ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) क्या है?
जवाब: ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर परीक्षकों को उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षक उसी डिजिटल कॉपी को देखकर नंबर देते हैं।
Q2. कॉपी कैसे चेक हुई और नंबर कैसे मिले?
जवाब: परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनर से स्कैन किया गया। इसके बाद डिजिटल कॉपियां सुरक्षित सिस्टम के जरिए परीक्षकों तक पहुंचाई गईं। शिक्षक स्क्रीन पर उत्तर पढ़कर CBSE की मार्किंग स्कीम के अनुसार अंक देते हैं।
Q3. क्या कॉपी AI ने चेक की?
जवाब: नहीं। CBSE के अनुसार कॉपियों की जांच इंसानी परीक्षकों ने ही की है। AI या ऑटोमैटिक सिस्टम केवल तकनीकी सहायता के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, लेकिन नंबर देने का काम प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा ही किया जाता है।
Q4. डिजिटल मार्किंग का फायदा क्या है?
जवाब: इससे कॉपियों के खोने या बदलने का खतरा कम होता है। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी बनती है।
Q5. क्या OSM में नंबर कटने की संभावना ज्यादा रहती है?
जवाब: बोर्ड का कहना है कि मूल्यांकन पूरी तरह तय मार्किंग स्कीम के अनुसार किया जाता है। हालांकि कई छात्रों का मानना है कि डिजिटल स्क्रीन पर कॉपी देखने से उत्तरों की प्रस्तुति का प्रभाव कम हो सकता है।
Q6. क्या हर सवाल अलग-अलग शिक्षक चेक करते हैं?
जवाब: कई मामलों में अलग-अलग प्रश्न अलग परीक्षकों को भी भेजे जा सकते हैं, ताकि निष्पक्षता और सटीकता बनी रहे।
Q7. अगर नंबर कम आए हों तो क्या करें?
जवाब: छात्र री-इवैल्यूएशन, वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Q8. क्या हैंडराइटिंग से नंबर प्रभावित होते हैं?
जवाब: साफ-सुथरी और व्यवस्थित लिखावट हमेशा मदद करती है। हालांकि नंबर कंटेंट और सही उत्तर के आधार पर दिए जाते हैं।
Q9. क्या स्क्रीन पर कॉपी देखने से गलती हो सकती है?
जवाब: बोर्ड का दावा है कि सिस्टम में कई सुरक्षा और मॉनिटरिंग फीचर्स हैं, जिससे मानवीय गलतियों को कम किया जा सके।
Q10. क्या भविष्य में पूरी तरह डिजिटल परीक्षा होगी?
जवाब: फिलहाल CBSE केवल मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल बना रहा है। भविष्य में तकनीक का दायरा बढ़ सकता है, लेकिन अभी पारंपरिक लिखित परीक्षा ही जारी है।
छात्रों में बढ़ी चिंता
इस साल कई ऐसे छात्र सामने आए हैं जिन्होंने Joint Entrance Examination Main यानी JEE Main में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत का मानदंड पूरा नहीं कर पाए। इसी वजह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर बहस तेज हो गई है।

