ST.News Desk
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देशभर के मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के पास मौजूद सोने के मुद्रीकरण को लेकर चल रही अटकलों और अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में Ministry of Finance ने साफ कहा कि सरकार का मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्थान के सोने का मुद्रीकरण करने का कोई इरादा नहीं है।
वित्त मंत्रालय ने बताया भ्रामक और निराधार
वित्त मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह झूठी, भ्रामक और निराधार हैं। मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि मंदिरों के शिखरों, दरवाजों या अन्य संरचनाओं पर लगे सोने को “भारत के सामरिक स्वर्ण भंडार” के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार इस तरह की बातों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और सरकार ने ऐसा कोई प्रस्ताव न तो तैयार किया है और न ही मंजूर किया है।
गोल्ड बॉन्ड जारी करने की खबरों का भी खंडन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्टों और धार्मिक संस्थानों के पास मौजूद सोने के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करने की कोई योजना नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की खबरें लोगों को भ्रमित करने वाली हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
वित्त मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं। मंत्रालय ने कहा कि नीतिगत फैसलों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां केवल प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा की जाती हैं।
सरकार ने लोगों से केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी है, ताकि अनावश्यक भ्रम और गलतफहमी से बचा जा सके।

