crossorigin="anonymous"> पेट्रोल-डीजल महंगा, अब दालों की कीमतों में भी उछाल; रसोई का बजट बिगड़ा - Sanchar Times

पेट्रोल-डीजल महंगा, अब दालों की कीमतों में भी उछाल; रसोई का बजट बिगड़ा

Spread the love

देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। ट्रांसपोर्टेशन लागत में वृद्धि, बेमौसम बारिश से फसल नुकसान और महंगे आयात के कारण दालों की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा असर अरहर दाल पर पड़ा है, जिसके दाम थोक बाजार में 12 फीसदी तक बढ़ गए हैं

ST.News Desk

नई दिल्ली: देश में ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब दालों के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर खाद्य वस्तुओं, खासकर दालों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इससे आम परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आयात पहले से ही महंगा हो चुका था। वहीं, देश में ईंधन दरों में वृद्धि से ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ गया है। मंडियों से खुदरा बाजार तक दाल पहुंचाने की लागत बढ़ने के कारण व्यापारियों ने कीमतों में इजाफा किया है।

दालों की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मौसम भी है। बेमौसम बारिश और अल-नीनो के प्रभाव से प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़द और तुअर (अरहर) की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है और कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

इसके अलावा, डॉलर की मजबूती और वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही चुनौतियों के कारण दालों का आयात भी महंगा हो गया है। इसका असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

प्रमुख दालों के मौजूदा खुदरा दाम

अरहर दाल115 से 150 रुपये प्रति किलो
उड़द दाल110 से 140 रुपये प्रति किलो
मूंग दाल95 से 130 रुपये प्रति किलो
मसूर दाल85 से 110 रुपये प्रति किलो
चना दाल80 से 95 रुपये प्रति किलो

अरहर दाल में सबसे ज्यादा तेजी

थोक बाजार में अरहर दाल की कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के मुताबिक, इसके दाम करीब 12 प्रतिशत बढ़कर 9,000 से 12,250 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। उत्तर प्रदेश की मंडियों में इसका औसत थोक भाव लगभग 10,440 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि कुछ बड़े बाजारों में कीमतें 11,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी हैं।

क्यों बढ़ रहे हैं अरहर के दाम?

भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए म्यांमार और कई अफ्रीकी देशों से बड़े पैमाने पर अरहर दाल का आयात करता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मालभाड़ा महंगा हो गया है। इससे आयातित अरहर की लागत बढ़ रही है और इसका असर सीधे भारतीय बाजार में कीमतों पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ और परिवहन लागत ऊंची बनी रही, तो आने वाले दिनों में दालों की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *