बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की खुशियां महज पांच घंटे में मायूसी में बदल गईं। निकाह के तुरंत बाद शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक का फैसला कर लिया। नतीजतन दूल्हा बारात लेकर बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया।
मेहर अदायगी को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला फतेहपुर तहसील क्षेत्र के नालापार दक्षिणी मोहल्ले का है। यहां की एक युवती का निकाह जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के सद्दीपुर पट्टी गांव निवासी जावेद के साथ तय हुआ था। शुक्रवार दोपहर बारात धूमधाम से फतेहपुर पहुंची। स्वागत-सत्कार और भोजन के बाद निकाह की रस्म भी संपन्न हो गई।
बताया जा रहा है कि निकाह के दौरान ही मेहर अदायगी के तौर-तरीकों को लेकर लड़की पक्ष ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे बड़े विवाद में बदल गई।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान बारात में शामिल कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज किए जाने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। मामला बढ़ने पर युवती के पिता अपने परिजनों के साथ स्थानीय नगर चेयरमैन इरशाद अहमद कमर के पास पहुंचे और हस्तक्षेप की मांग की।
स्थिति को संभालने के लिए चेयरमैन ने सद्दीपुर गांव के प्रधान शमशेर को बुलाकर दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया। देर रात तक बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
दहेज और शराब पीकर आने के आरोप
लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि बारात में शामिल कुछ लोग शराब के नशे में थे और दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विवाद बढ़ने के बीच दुल्हन ने लड़के पक्ष की कुछ गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए ससुराल जाने से साफ इनकार कर दिया।
दुल्हन की सहमति से हुआ तलाक
जब समझौते की सभी कोशिशें विफल हो गईं, तब दुल्हन की इच्छा को देखते हुए दोनों पक्षों ने निकाह समाप्त करने का फैसला किया। निकाह होने के करीब पांच घंटे बाद ही आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
इसके बाद दूल्हा जावेद और उसके साथ आए बाराती बिना दुल्हन के वापस लौट गए। इस अनोखी घटना की चर्चा पूरे इलाके में होती रही। जो शादी कुछ घंटे पहले खुशी का कारण थी, वही रात होते-होते टूटे रिश्ते और निराशा की कहानी बन गई।

